अजा एकादशी का व्रत हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। साल 2026 में सितंबर के महीने में यह व्रत रखा जाएगा। अजा एकादशी के दिन भक्तों के द्वारा उपवास रखा जाता है और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद तो आपको प्राप्त होता ही है साथ ही आपकी आत्मशुद्धि भी होती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि इस व्रत की सही डेट क्या है और इस दिन शुभ मुहूर्त कब-कब रहेंगे।
अजा एकादशी डेट
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 सितंबर रात्रि 7 बजकर 31 मिनट से शुरू हो जाएगी। वहीं एकादशी तिथि की समाप्ति 7 सितंबर को 5 बजकर 6 मिनट पर होगी। उदयातिथि में एकादशी 7 सितंबर को है इसलिए अजा एकादशी का व्रत भी 7 सितंबर को रखा जाना ही सही माना जाएगा। वहीं व्रत का पारण 8 सितंबर को सुबह 6 बजे के बाद होगा। आइए अब जान लेते हैं कि अजा एकादशी के शुभ मुहूर्तों के बारे में।
अजा एकादशी शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:52 AM से 05:38 AM तक
प्रातः सन्ध्या: 05:15 AM से 06:25 AM तक
अभिजित मुहूर्त: 12:12 PM से 01:01 PM तक
गोधूलि मुहूर्त: 06:48 PM से 07:11 PM तक
अमृत काल: 03:59 PM से 05:29 PM तक
सायाह्न सन्ध्या: 06:48 PM से 07:58 PM तक
अजा एकादशी पर शुभ योग
साल 2026 में अजा एकादशी के दिन कई शुभ योग भी बनने जा रहे हैं। इस दिन सुबह के समय पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा और रात्रि के समय पुष्य नक्षत्र। इसके साथ ही चंद्र-गुरु की युति से इस दिन गजकेसरी योग का निर्माण होगा। इस दिन पंचमहापुरुष योग में से एक मालव्य योग का निर्माण शुक्र के स्वराशि में होने बनेगा। इसके साथ ही बुध ग्रह अपनी उच्च राशि में होकर भद्र योग का निर्माण इस दिन करेंगे। ऐसे में अजा एकादशी का व्रत रखने से और इस दिन तुलसी से जुड़े धार्मिक उपाय करने से भक्तों को बेहद शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। जो लोग व्रत या उपाय न कर पाएं उन्हें भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करने से भी सुखद परिणाम मिल सकते हैं।

