Former Gujarat CM Keshubhai Patel passed away

गुजरात के पूर्व सीएम केशुभाई पटेल का 92 साल की उम्र में निधन

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प्रदेश की राजनीति के दिग्‍गज एवं 2 बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे Keshubhai Patel का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। मुख्‍यमंत्री रुपाणी, BJP अध्‍यक्ष सी आर पाटिल सहित कई वरिष्‍ठ नेता गांधीनगर पहुंच रहे हैं, केबिनेट की बैठक बुलाकर बापा को श्रद्धांजलि दी जाएगी। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री Narender Modi, गृहमंत्री अमित शाह ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है।

गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्‍हें स्‍टर्लिंग अस्‍पताल ले जाया गया जहां उन्‍होंने अंतिम श्‍वांस ली। Keshubhai के निधन से राज्‍य में एक दिन का शोक घो‍षित किया गया है। उपचुनाव के प्रचार में जुटे मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी, भाजपा अध्‍यक्ष सी आर पाटिल, उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल, केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्‍तम रुपाला सहित पार्टी के कई आला नेता उनके निधन के समाचार सुनकर गांधीनगर पहुंचे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पूर्व मुख्‍यमंत्री Keshubhai Patel के निधन पर शो व्‍यक्‍त करते हुए टवीट किया, ‘केशुभाई ने जनसंघ और BJP को मजबूत बनाने के लिए गुजरात में लंबी चौड़ी यात्राएं की। किसान कल्याण के मुद्दे उनके दिल के सबसे करीब थे। विधायक, सांसद, मंत्री या CM के पद पर रहते हुए उन्‍होंने किसानों के कल्‍याण के लिए कई योजनाएं लागू करवायी।’
गृहमंत्री अमित शाह ने जताया दुख

गृहमंत्री अमित शाह ने शोक व्‍यक्‍त करते हुए कहा, केशुभाई का जीवन हमेशा जनता को समर्पित रहा, संगठन को ही उन्‍होंने हमेशा सर्वोपरी माना। उनका निधन राजनीति की बडी क्षति है।

मुख्‍यमंत्री ने राज्‍य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है जिसमें पूर्व मुख्‍यमंत्री केशुभाई को श्रद्धांजलि दी जाएगी। पूर्व मुख्‍यमंत्री शंकरसिंह वाघेला, केशुभाई पहली बार मार्च 1995 में मुख्‍यमंत्री बने इसके बाद दूसरी बार मार्च 1998 में मुख्‍यमंत्री बने। इससे पहले चिमन भाई पटेलकी सरकार में उपमुख्‍यमंत्री तथा बाबूजस भाई पटेल की सरकार में मंत्री भी रहे।

केशुभाई की छवि एक किसान नेता की रही तथा आजीवन वे गरीब, मजदूर व किसानों के हितों की चिंता करते रहे। गुजरात को 21वीं सदी का विजन देने में उनका महत्‍वपूर्ण योगदान रहा। 2002 में उन्‍हें राज्‍यसभा का सदस्‍य चुना गया तथा 2007 में उन्‍होंने गुजरात परिवर्तन पार्टी का गठन कर भाजपा का विकल्‍प देने का ऐलान किया, हालांकि 2012 में उनकी गुजरात परिवर्तन पार्टी का BJP में विलय हो गया।

गुजरात में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ, जनसंघ से लेकर BJP की जडें जमाने वाले पूर्व मुख्‍यमंत्री Keshubhai Patel का प्रदेश की राजनीति में ऊंचा स्‍थान रहा है। पहली बार 1945 में केशुभाई RSS के प्रचारक बने थे। 1975 में आपातकाल के दौरान वे जेल भी गये थे। उन्‍हें गुजरात में लोग प्‍यार से बापा कहकर पुकारते हैं, जनवरी 2001 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था। केशुबापा सोमनाथ ट्रस्‍ट के चैयरमेन थे तथा प्रदेश के कई सामाजिक व सांस्‍क्रतिक संगठनों के संरक्षक भी थे। सरदार सरोवर नर्मदाबांध की ऊंचाई बढाने, नर्मदा नहरों के निर्माण, किसानों को सिंचाई, बिजली व अन्‍य सुविधाओं के साथ महिला उत्‍थान व कन्‍या शिक्षा में उनका उल्‍लेखनीय योगदान रहा।

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