पब्लिक सेक्टर की कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) सऊदी अरब और UAE के साथ तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर शुरुआती बातचीत कर रही है। इसका मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर खाड़ी देशों की निर्भरता घटाने के लिए वैकल्पिक रास्तों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकल्पों पर काम करना है। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच हॉर्मुज में आवाजाही प्रभावित होने से इन देशों के लिए नए विकल्प तलाशना अहम हो गया है।
1 अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं सऊदी अरब और यूएई
EIL के चेयरमैन और एमडी अतुल गुप्ता ने AGM के बाद बताया कि सऊदी अरब और UAE कच्चे तेल व पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई के लिए वैकल्पिक रूट विकसित करने पर करीब 1 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बना रहे हैं। इस निवेश से पाइपलाइन, स्टोरेज, ऑयल टर्मिनल समेत जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सकता है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से प्रभावित हुई जहाजों की आवाजाही
अतुल गुप्ता ने बताया कि सऊदी अरब और UAE फिलहाल वैकल्पिक तेल सप्लाई रूट की योजना तैयार कर रहे हैं और EIL भी इस प्रक्रिया में उनके साथ बातचीत कर रही है। कंपनी इन संभावित प्रोजेक्ट्स में कंसल्टेंसी और फिजिबिलिटी स्टडी से जुड़े काम हासिल करने की कोशिश कर रही है। हॉर्मुज में लंबे समय तक आवाजाही बाधित रहने की आशंका के बीच खाड़ी के तेल उत्पादक देश नए निर्यात मार्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार कर रहे हैं।
तनाव के बाद क्षेत्र से नए ठेके मिलने की रफ्तार पड़ी धीमी
EIL के चेयरमैन अतुल गुप्ता के मुताबिक, क्षेत्र में तनाव के चलते नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने की रफ्तार फिलहाल धीमी हुई है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि तीसरी और चौथी तिमाही में ऑर्डर मिलने में तेजी आ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात कंपनी के लिए कुछ नए कारोबारी अवसर भी लेकर आए हैं। पश्चिम एशिया में ऑर्डर की सुस्ती EIL के लिए अहम है, क्योंकि कंपनी के कारोबार में इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
इंजीनियर्स इंडिया की कुल ऑर्डर बुक में विदेशी परियोजनाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत
इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) की कुल ऑर्डर बुक में विदेशी प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 43% है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को मिले नए कारोबार में इंटरनेशनल कंसल्टेंसी सर्विसेज का योगदान करीब 4,929 करोड़ रुपये रहा, जो कुल नए बिजनेस का लगभग 62% है। पश्चिम एशिया EIL के लिए अहम बाजार है, जहां कंपनी सऊदी अरब, UAE, बहरीन और कुवैत में कई परियोजनाओं से जुड़ी है। सऊदी अरब में कंपनी अपना कार्यालय भी संचालित कर रही है।

