खतरनाक वायरस ने मचाई तबाही! 20 दिनों में 1000 लोगों की मौत, 4000 अभी भी बीमार

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। आधिकारिक घोषणा के तीन महीने से भी कम समय में संक्रमण से 2,011 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते तीन सप्ताह में ही करीब 1,000 लोगों ने जान गंवाई है। वहीं, मंगलवार तक देश के पांच प्रांतों में इबोला के कुल 4,381 मामलों की पुष्टि की गई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

10 साल बाद कांगो में दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप
कांगो में इबोला का यह प्रकोप देश के इतिहास का सबसे तेजी से फैलने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह 2014-16 के पश्चिमी अफ्रीका इबोला संकट के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप है। उस दौरान वायरस से 11,310 लोगों की जान गई थी।

पिछले 20 दिनों में हो गई 1000 से ज्यादा लोगों की मौत
गौरतलब है कि Ebola की महामारी के तेजी से फैलने की वजह से अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने तुरंत कदम उठाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के इमरजेंसी रिलीफ कोऑर्डिनेटर की तरफ से नियुक्त सीनियर इबोला कोऑर्डिनेटर, जूलियन हार्नीस ने सोशल मीडिया प्लेटफऑर्म X पर Ebola से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या का जिक्र करते हुए कहा:
“आज इबोला से मरने वालों की संख्या 2 हजार से अधिक हो गई है, जिनमें से आधी मौतें बीते 20 दिनों में हुई हैं। हम सभी राहतकर्मी, संगठन, सरकारें, डोनेट करने वाले और समुदाय को मिलकर और ज्यादा काम करना होगा, और यह काम आज ही से करना होगा, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और इबोला वायरस को रोका जा सके: जूलियन हार्नीस”

इबोला फैलने से रोकने की कोशिश में जुटा WHO
इबोला संकट के बीच WHO ने स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। संगठन ने एक स्थानीय मैटरनिटी वार्ड को 20 बेड उपलब्ध कराए हैं और 100 हाइजीनिस्ट, 100 सर्विलांस व संक्रमण नियंत्रण (IPC) अधिकारियों के साथ डीकंटैमिनेशन और सुरक्षित अंतिम संस्कार टीमों को भी प्रशिक्षित किया है। WHO का कहना है कि इबोला के प्रसार को रोकने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है।

Lita में बढ़ाई गई बेडों की संख्या
इबोला से निपटने के लिए WHO कांगो के लीटा स्थित उपचार केंद्र का विस्तार कर रहा है। इसके बाद केंद्र की क्षमता 40 से बढ़ाकर 80 बेड कर दी जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ UNICEF, ALIMA, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम और MONUSCO भी सहयोग कर रहे हैं। गौरतलब है कि मई में इबोला संक्रमितों की संख्या 900 के पार पहुंचने की खबर सामने आई थी।

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