बीजेपी नेता और महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक विरोध को संवैधानिक संस्थाओं पर हमले में नहीं बदला जाना चाहिए। ईरानी ने दावा किया कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग को भारतीय लोकतंत्र की एक अहम संस्था बताया।
कांग्रेस के रुख को लेकर पूछा सवाल
स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग की व्यवस्था और उसकी भूमिका को कई देशों में भी सम्मान मिला है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। ईरानी ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इन राज्यों में कांग्रेस का चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर क्या रुख था। उन्होंने पूछा कि क्या वहां कांग्रेस ने आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए थे या चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई संदेह जताया था।
SIR पर आयोग की सफाई का दिया हवाला
स्मृति ईरानी ने कहा कि निर्वाचन आयोग SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने बताया कि SIR के तहत नोटिस पाने वाले लोगों के घर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) जाएंगे और जरूरी दस्तावेज लेकर उनकी स्थिति का सत्यापन करेंगे। ईरानी ने सवाल उठाया कि जब पूरी प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की व्यवस्था है, तो कांग्रेस नेतृत्व इसका विरोध क्यों कर रहा है।
ईरानी ने मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनावों में जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है और पार्टी अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रही है।
कांग्रेस की बैठक में आयोग पर उठे सवाल
ईरानी की यह टिप्पणी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद सामने आई, जिसमें पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा बैठक में विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर भी चर्चा हुई।

