भारतीय खेल मंत्रालय ने 12 अगस्त को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया है। मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को निर्देश दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) से परामर्श कर एक एड-हॉक समिति गठित करे, जो फिलहाल फेडरेशन के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेगी।
मंत्रालय के अनुसार, पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला और समय पर चुनाव नहीं कराए जाने सहित प्रशासनिक कमियों के चलते यह कार्रवाई की गई है। एड-हॉक समिति तब तक फेडरेशन का संचालन करेगी, जब तक TTFI में नियमित और सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था बहाल नहीं हो जाती।
पिछले कई महीनों से उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा TTFI
खेल मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) के साथ समन्वय कर एक अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था तैयार करेगा। इसके तहत एक एड-हॉक समिति बनाई जाएगी, जो TTFI का संचालन तब तक करेगी, जब तक फेडरेशन में नियमित और पारदर्शी प्रशासनिक ढांचा बहाल नहीं हो जाता।
फिलहाल TTFI की अध्यक्ष मेघना अहलावत हैं, जिन्होंने दिसंबर 2022 में देश की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था। पिछले कुछ महीनों से फेडरेशन लगातार विवादों में रहा है। जनवरी 2026 में तत्कालीन महासचिव और पूर्व खिलाड़ी कमलेश मेहता को कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया था। हालांकि, बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके निलंबन के आदेश को रद्द कर दिया।
मनिका बत्रा ने भी की थी TTFI की आलोचना
TTFI पिछले कुछ समय से विवादों के केंद्र में रहा है। एशियन गेम्स 2026 के लिए स्टार खिलाड़ी मनिका बत्रा को टीम में जगह नहीं मिलने के बाद चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। मनिका ने फेडरेशन के फैसले की खुलकर आलोचना करते हुए खेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की थी और चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष नहीं बताया था। इसके बाद मंत्रालय ने फेडरेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पीटीआई के अनुसार, मंत्रालय को मिला जवाब संतोषजनक नहीं माना गया।

