दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए सोमवार को BJP का दामन थाम लिया। डीएमके के बाद Congress और अब भाजपा में शामिल हुईं खुशबू ने एक इंटरव्यू में कांग्रेस से जुड़े अपने कई खराब अनुभव और पार्टी से मिली कई सीख के बारे में बातचीत की। पार्टी छोड़ने की वजह के बारे में खुशबू ने कहा कि जिस तरह पार्टी काम कर रही थी वह उससे खुश नहीं थीं। उन्होंने कहा कि Congress बदल गई है, लोग बदल गए हैं और पार्टी के आईडिया में भी बदलाव आ गया है।
पीसीसी प्रमुख के उन्हें “कमल पर पानी की बूंद” और “सिर्फ एक अभिनेत्री न कि नेता” कहने को लेकर खुशबू ने कहा कि ये एक महिला विरोधी टिप्पणी है, भले ही मैं एक अभिनेत्री हूं लेकिन तमिलनाडु Congress अध्यक्ष केएस अलागिरी अपरिचित चेहरा हैं, मैं भीड़ जुटाती थी, अलागिरी नहीं। खुशबू ने आगे कहा कि उनका रवैया एक बुद्धिमान और वाक्पटु महिला के पूरी तरह से खिलाफ है। विनम्रता भाड़ में जाए। मैं बेबाक, खूबसूरत और साहसी हूं।
खुशबू ने आगे कहा कि लोग समझेंगे कि मैं मौकापरस्त हूं लेकिन मैंने पार्टी में किसी भी पद के लिए कोई तोल-मोल या बातचीत नहीं की है। Khushboo Sundar ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि यह सही समय है कि कांग्रेस को ये आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि आखिर क्यों पार्टी और लोगों के बीच इतनी दूरी है।
तमिलनाडु में कम राजनीतिक प्रभाव रखने वाली BJP को आस है कि खुशबू के आने से राज्य में उसकी राजनीतिक ताकत बढे़गी क्योंकि देश के अन्य क्षेत्रों की तुलना में वहां फिल्मी सितारों का ज्यादा असर है।
तमिलनाडु में अगले साल के पूर्वार्ध में विधानसभा चुनाव हैं। राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का वर्चस्व रहा है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के इर्दगिर्द ही प्रदेश की राजनीति का पहिया घूमता रहा है। दोनों ही दल बारी-बारी से प्रदेश के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। फिलहाल, अन्नाद्रमुक का राज्य की सत्ता पर कब्जा है। BJP का इसी दक्षिण राज्य में कोई खास प्रभाव नहीं है।

