कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन समाप्त होने के बाद अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भूख हड़ताल के दौरान की चार तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक के योगदान और समर्पण के लिए उनके मन में गहरी कृतज्ञता है, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल की तस्वीरें साझा करते हुए अभिजीत दीपके ने उनके सत्याग्रह की सराहना की। उन्होंने कहा कि वांगचुक का गांधीवादी आंदोलन देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बना और 26 दिनों का उनका उपवास एक ऐतिहासिक व नैतिक बलिदान के रूप में याद रखा जाएगा। दीपके ने उनके योगदान के लिए आभार जताते हुए कहा कि पूरा देश उनके इस संघर्ष के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेगा।
सोनम वांगचुक ने जताई खुशी
सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर खुशी जताते हुए सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान, सीजेपी टीम, वॉलंटियर्स और देशभर के छात्रों-युवाओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को उठाया। वांगचुक ने कहा कि अब शिक्षा और शासन व्यवस्था में सुधार की दिशा में गंभीर प्रयास होने चाहिए, ताकि देश डर और अन्याय नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सच्चाई के मार्ग पर आगे बढ़ सके।
सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें मानी
शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सीजेपी प्रतिनिधियों की केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बैठक हुई, जिसमें सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें मान लीं। सरकार ने छात्रों पर कोई एफआईआर दर्ज न करने और नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने का फैसला किया। मांगें स्वीकार होने के बाद सीजेपी ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।

