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ट्विशा डेथ मिस्ट्री केस में सीबीआई जांच शुरू, भोपाल में आरोपी समर्थ सिंह के घर पहुंची टीम

सीबीआई ने कल ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री केस भोपाल पुलिस से टेकओवर कर लिया और इस मामले में जांच शुरू कर दी है। कल रात को ट्विशा के पति समर्थ सिंह को लेकर पुलिस उनके घर गई और सीन का रीक्रिएशन भी किया गया। सोमवार को CBI ने भोपाल पुलिस द्वारा पहले दर्ज की गई FIR को फिर से दर्ज किया और समर्थ सिंह के साथ-साथ उनकी मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट की एक टीम भोपाल पहुंची और पिछली जांच के दौरान जमा किए गए पुलिस रिकॉर्ड, बयान, मेडिकल दस्तावेज और अन्य सबूतों को अपने कब्जे में लिया।

दहेज हत्या के आरोप
जांचकर्ताओं को कथित तौर पर ऐसे सबूत मिले हैं जो दहेज से जुड़े आरोपों की ओर इशारा करते हैं, जिसके बाद इस मामले में दहेज हत्या से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। CBI की FIR में विशेष जांच दल (SIT) के प्रमुख रजनीश कश्यप कौल को शिकायतकर्ता के रूप में नामित किया गया है। CBI के जिम्मा संभालने से पहले, पुलिस ने समर्थ सिंह से तीन दिनों में लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान, उसने यह माना कि ट्विशा के साथ उसकी शादी में दिक्कतें आ गई थीं, लेकिन उसने ट्विशा के साथ कभी भी शारीरिक हिंसा करने से इनकार किया। उसके अनुसार, मार्च तक उनका रिश्ता काफी हद तक ठीक-ठाक रहा, लेकिन उसके बाद ट्विशा के भाई की शादी के बाद उनके बीच तनाव बढ़ गया।

शादी के कुछ ही महीनों में रिश्ते में आई दरार की वजह क्या?
जांचकर्ताओं ने उससे पूछा कि दोनों की मुलाकात कैसे हुई, शादी से पहले उनका रिश्ता कितने समय तक चला और शादी के कुछ ही महीनों के भीतर उनके रिश्ते में कथित तौर पर आई दरार की क्या वजह थी। पुलिस ने उससे यह भी पूछा कि क्या ट्विशा अपनी मर्ज़ी से अपने मायके गई थी या फिर घर में हुए झगड़ों के बाद।

प्रेग्नेंसी और अबॉर्शन से जुड़े दावों का सच क्या?
जांच के सबसे संवेदनशील पहलुओं में से एक ट्विशा की प्रेग्नेंसी और अबॉर्शन से संबंधित है। खबरों के अनुसार, समर्थ ने पुलिस को बताया कि वह पिता बनना चाहता था, लेकिन उसका दावा था कि ट्विशा वह बच्चा नहीं चाहती थी। उसके बयान के अनुसार, अबॉर्शन ट्विशा के ज़ोर देने पर और मेडिकल सलाह के बाद हुआ था। उसने बताया कि वे दोनों डॉक्टर के पास साथ गए थे और प्रक्रिया से पहले दवाएं ली थीं।

जांचकर्ता अब इस दावे की पुष्टि करने के लिए अस्पताल के रिकॉर्ड और मेडिकल कागज़ात इकट्ठा कर रहे हैं। हालांकि, जाँच के दौरान कथित तौर पर मिले WhatsApp संदेशों ने इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ चैट से पता चलता है कि समर्थ ने गर्भधारण पर संदेह जताया था और अजन्मे बच्चे के पिता होने पर सवाल उठाए थे। ये संदेश कथित तौर पर उसके इस दावे के विपरीत हैं कि वह और उसकी मां, दोनों ही बच्चा चाहते थे, जबकि ट्विशा भावनात्मक रूप से परेशान थी।

ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि मानसिक इलाज और दवाएं तभी शुरू हुईं, जब गर्भधारण से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस दौरान ट्विशा का वज़न लगभग 15 किलोग्राम कम हो गया था।

मेंटल हेल्थ से जुड़े सवाल
जांच का एक और मुख्य केंद्र बिंदु ट्विशा का मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट है। खबरों के मुताबिक, समर्थ ने पुलिस के सामने दावा किया कि ट्विशा को बाइपोलर डिसऑर्डर था और उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आते थे। बाद में उसने बताया कि जब ट्विशा को मानसिक परेशानी हुई, तो डॉक्टरों ने उन्हें ‘एडजस्टमेंट डिसऑर्डर’ होने की बात कही।

पुलिस ने यह सवाल उठाया कि क्या ट्विशा के परिवार को इस कथित मानसिक इलाज के बारे में बताया गया था, और शादी के कुछ ही महीनों के अंदर एक नई-नवेली दुल्हन को मानसिक परामर्श की ज़रूरत क्यों पड़ी। समर्थ ने उन आरोपों से भी इनकार किया कि ट्विशा को बिना किसी वजह के नींद की गोलियां दी गई थीं। उनके अनुसार, डॉक्टरों ने तनाव कम करने में मदद के लिए ये दवाएं लिखी थीं। CBI इस बात की जांच करेगी कि क्या यह इलाज चिकित्सकीय रूप से सही था, क्या ट्विशा की सहमति ठीक से ली गई थी, और क्या उनके परिवार को इन दवाओं के बारे में जानकारी थी।

डिलीट की गई चैट्स और डिजिटल सबूत
जांचकर्ता समर्थ के मोबाइल फ़ोन से डिलीट की गई बातचीत पर भी ध्यान दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि डिवाइस से ट्विशा और उसके परिवार के सदस्यों से जुड़ी चैट लॉग्स डिलीट कर दी गई थीं। एक टेक्निकल टीम अभी मैसेज रिकवर करने की कोशिश कर रही है। ये चैट अहम हो सकती हैं, क्योंकि ट्विशा ने कथित तौर पर अपने परिवार वालों को बताया था कि उसे अपनी नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था और उसे ऑनलाइन काम जारी रखने की इजाज़त नहीं थी।

समर्थ ने इन आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि शादी के बाद ट्विशा ने अपनी मर्ज़ी से इस्तीफ़ा दिया था, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के साथ ज़्यादा समय बिताना चाहते थे। उसने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि घटना वाला दिन पूरी तरह से सामान्य लग रहा था। उसके बयान के मुताबिक, दोनों साथ में जिम गए, साथ में खाना खाया और बाद में टहलने के लिए गए। जांचकर्ता अब इस बयान की तुलना CCTV फुटेज, फ़ोन रिकॉर्ड, गवाहों के बयानों, मेडिकल दस्तावेज़ों और डिजिटल सबूतों से कर रहे हैं।

जांच में सास की अहम भूमिका
जांच में गिरिबाला सिंह की भूमिका भी अहम बनी हुई है। बताया जा रहा है कि समर्थ ने पुलिस को बताया कि उनकी मां अक्सर उनके और ट्विशा के बीच के झगड़ों को सुलझाने की कोशिश करती थीं। हालांकि, ट्विशा का कथित तौर पर मानना ​​था कि शादीशुदा ज़िंदगी में होने वाले झगड़ों के दौरान उनकी सास हमेशा समर्थ का ही साथ देती थीं।

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