अहोई अष्टमी का व्रत इस साल 1 नवंबर को रखा जाएगा या 2 नवंबर को? अगर आपके मन में भी इस तारीख को लेकर असमंजस है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। साल 2026 में अहोई अष्टमी का व्रत रविवार, 1 नवंबर को रखा जाएगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 1 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 51 मिनट से शुरू होगी और 2 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। ऐसे में शाम के समय अष्टमी तिथि होने के कारण 1 नवंबर को ही व्रत रखा जाएगा।
अब बात करते हैं पूजा के शुभ मुहूर्त की। गुरुग्राम के पंचांग के अनुसार, अहोई माता की पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 37 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। वहीं, तारों के दर्शन का समय शाम करीब 6 बजकर 1 मिनट बताया गया है।
अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन अहोई माता की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करके विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है।
पूजा के बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। यह पर्व मां और संतान के प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।

