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कर्नाटक में महिला ने जज को कुर्सी पर काला जादू करने के आरोप में गिरफ्तार,समझिए क्या है पूरा मामला

कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 65 साल की महिला को जज की कुर्सी पर काला जादू करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। महिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

क्या है पूरा मामला?
चिक्काबल्लापुर सिटी पुलिस ने मंजुला नाम की 65 साल की महिला को गिरफ्तार किया क्योंकि उस पर आरोप है कि उसने चिक्काबल्लापुर में ‘फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज और JMFC कोर्ट’ के जज की कुर्सी पर कथित तौर पर काला जादू किया।

2 दिन पहले जज की कुर्सी के पास करती दिखी थी अजीब चीजें
दरअसल 2 दिन पहले का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसमें महिला जज की कुर्सी पर कथित तौर पर मंत्र पढ़ते हुए और सफेद सरसों के दाने छिड़कते हुए देखी गई थी। इस मामले के सामने आने के बाद कोर्ट की चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर नेत्रा की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार किया गया।

किस कानून के तहत गिरफ्तार हुई महिला?
आरोपी महिला के खिलाफ ‘कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2017’ के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने महिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

काला जादू किसे कहते हैं?
काला जादू को आम भाषा में किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए की गई नकारात्मक क्रिया कहते हैं। इस प्रक्रिया के तहत नकारात्मक ऊर्जाओं (अलौकिक शक्तियां, तंत्र, भूत-प्रेत, जिन्न आदि) का उपयोग किसी को नुकसान पहुंचाने, नियंत्रित करने, बदला लेने, लाभ कमाने या स्वार्थ सिद्ध करने के लिए किया जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य किसी को हानि पहुंचाना ही होता है। इसमें मुख्य रूप से मंत्र-तंत्र, काला जादू की किताबें, तावीज, वशीकरण, मारण, उच्चाटन आदि शामिल है। भारत समेत कुछ देशों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे-काला जादू, टोना-टोटका, जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, भूत-विद्या आदि।

हाल ही में दिल्ली से भी काला जादू से संबंधित एक खबर सामने आई थी। यहां एक डॉक्टर ने ‘काला जादू’ के शक में नौकरानी को मौत के घाट उतार दिया था और फिर कहा था कि मुझे फांसी दे दो!

काला जादू को लेकर विज्ञान क्या मानता है?
विज्ञान और तर्कशील लोगों की नजर में काला जादू सिर्फ एक अंधविश्वास है। मनोवैज्ञानिक इसके प्रभाव को छल-कपट, या संयोग मानते हैं। कई बार देखा गया है कि इंसान काला जादू के डर से ही बीमार रहने लगा। भारत में काले जादू के खिलाफ कानून भी है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार केवल सूचनात्मक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। INDIA TV किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में विश्वास नहीं करता है। काले जादू से संबंधित कोई भी सामग्री केवल सामाजिक-मनोवैज्ञानिक प्रभावों और प्रचलित विश्वासों को समझाने के लिए दी गई है, न कि इसे प्रोत्साहित करने या मान्यता देने के लिए।

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