health

डायबिटीज कब जानलेवा हो जाती है, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

डायबिटीज टाइप-2 लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है। लंबे समय तक अनहेल्दी खान-पान, नींद की कमी, वजन बढ़ना और फिजिकल एक्टिविटी कम करने से एक उम्र के बाद लोग डायबिटीज के खतरे वाली लिस्ट में शामिल हो जाते थे, लेकिन अब युवाओं को ये बीमारी कम उम्र में ही होने लगी है। ज्यादातर लोग डायबिटीज के लक्षणों को नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे ये साइलेंट बीमारी आपके शरीर को अंदर से करने लगती है। डायबिटीज से ऐसे सीधे किसी की मौत नहीं होती, लेकिन इलाज न करने पर और लापरवाही बरतने पर ये जानलेवा स्थिति भी पैदा कर सकती है। आइये जानते हैं डायबिटीज किन परिस्थितियों में जानलेवा साबित हो सकती है।

डायबिटीज कब जानलेवा हो सकती है?
डॉक्टर के मुताबिक, डायबिटीज अपने आप में अचानक जानलेवा बीमारी नहीं बनती, लेकिन जब ब्लड शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहे या शुगर बहुत अधिक बढ़ जाए या अचानक से कम हो जाए तो ये गंभीर और कभी-कभी जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थिति बना सकती है। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से हृदय, किडनी, आंखों, नसों और रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल्योर जैसी गंभीर जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है।

डायबिटीज में इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
इसके अलावा, डायबिटीज में कुछ एक्यूट इमरजेंसी भी हो सकती हैं, जैसे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) और हाइपरओस्मोलर हाइपरग्लाइसेमिक स्टेट (HHS)। इनमें मरीज को अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, कमजोरी, उल्टी, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक नींद या भ्रम जैसी शिकायतें हो सकती हैं। HHS खासतौर से लंबे समय से टाइप-2 डायबिटीज वाले मरीजों में गंभीर हाई ब्लड शुगर और डिहाइड्रेशन के साथ विकसित हो सकता है।

सिर्फ शुगर ही नहीं इन अंगों की भी कराएं जांच
डायबिटीज के मरीजों को यह समझना जरूरी है कि केवल शुगर की एक रीडिंग देखकर घबराने या खुश हो जाने की बजाय शुगर का लगातार नियंत्रण, दवाओं का नियमित सेवन और समय-समय पर HbA1c, किडनी, आंखों और हृदय की जांच कराना जरूरी है। बीमारी के दौरान, खासकर संक्रमण, बुखार, उल्टी या खाना कम होने पर ब्लड शुगर की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

डायबिटीज में इमरजेंसी कंडीशन
अगर आपको बहुत ज्यादा कमजोरी, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी जैसी लगती है। बहुत अधिक नींद आती है और बहुत ज्यादा प्यास या बार-बार पेशाब आता है। इसके साथ ही हालत बिगड़ती महसूस हो तो इसे नॉर्मल थकान समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिहार के इन 2 हजार लोगों का धर्म क्या है? विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड कौन सा है? दंतेवाड़ा एक बार फिर नक्सली हमले से दहल उठा SATISH KAUSHIK PASSES AWAY: हंसाते हंसाते रुला गए सतीश, हृदयगति रुकने से हुआ निधन India beat new Zealand 3-0. भारत ने किया कीवियों का सूपड़ा साफ, बने नम्बर 1