Arnab Goswami arrest: जानिए क्या है इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या का मामला, जिसमें अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया

Special Report देश महाराष्ट्र

मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया। मुंबई पुलिस ने बताया कि ‘रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) को इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।’

अर्णब गोस्वामी का चैनल पहले ही TRP रेटिंग में छेड़छाड़ किए जाने के आरोपों से जुझ रहे है। ऐसे में मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई से उनकी मुसीबतें बढ़ना तय है। मुंबई पुलिस ने कहा था कि रिपब्लिक टीवी ने दर्शकों को अपना चैनल देखने के लिए पैसे दिए थे। पुलिस को विज्ञापनों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने का भी शक है।

एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वेय नाइक की खुदकुशी मामले को फिर से खोला जा सकता है। इस मामले में अर्णब समेत तीन लोगों के खिलाफ 2018 में महाराष्ट्र के रायगढ़ के अलीबाग में केस दर्ज किया था। बता दें कि इस मामले को पिछले साल बंद कर दिया गया था, लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच सीआईडी से कराने का मन बनाया है।

पुलिस ने नाइक की खुदकुशी के बाद मिले सुसाइड नोट के आधार पर IPC की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया था। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि इंटीरियर डिजाइनर अन्वेय नाइक के परिवार की गुजारिश पर यह मामला खोलने का फैसला किया गया है। इस मामले की जांच अब सीआईडी फिर से कर रही है।

जानिए क्या है पूरा मामला
एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी और दो अन्य व्यक्तियों – फिरोज शेख और नीतेश सारदा – के खिलाफ साल 2018 में मामला दर्ज किया था। दरअसल इन तीनों पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक (53) और उनकी मां को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप है।

एक खबर के मुताबिक आत्महत्या करने से पहले अन्वय ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें उन्होंने लिखा कि आरोपितों ने उन्हें आत्महत्या करने पर मजबूर किया क्योंकि वे (आरोपित) उनके 5.40 करोड़ रुपये नहीं चुका रहे थे। नाइक और उनकी मां के शव अलीबाग तालुका स्थित उनके फार्महाउस में से बरामद किया गया था।

नाइक का शव पंखे से लटका हुआ था जबकि उनकी मां का शव पलंग पर मिला, बाद में उनकी पत्नी अक्षता नाइक ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर के मुताबिक अर्णब गोस्वामी पर बॉम्बे डाइंग स्टूडियो प्रोजेक्ट के तहत 83 लाख रुपये का बकाया था।

दूसरे आरोपी फिरोज शेख ने अंधेरी में चल रहे अपने प्रोजेक्ट के लिए चार करोड़ रुपये लिए थे जो उसने कथित रूप से नहीं चुकाए। तीसरे आरोपित नीतेश सारदा पर 55 लाख रुपये बकाया था। उसने मगरपट्टा और बानेर स्थित अपने दो प्रोजेक्ट के लिए यह रकम ली थी।

उस समय रायगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अनिल पारसकर ने बताया कि मृतक ने अपने सुसाइड नोट में अर्णब गोस्वामी, फिरोज शेख और नीतेश सारदा को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि रिपब्लिक टीवी इसे अपने खिलाफ झूठा और दुर्भावनापूर्ण अभियान करार दे चुका है।

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