प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर अपने अनुभव और भावनाओं को साझा किया। इस खास पड़ाव पर उन्होंने भगवान के सामने अपनी इच्छा भी बताई। पीएम मोदी ने कहा कि उनके लिए सत्ता या पद से ज्यादा महत्वपूर्ण देश की सेवा है और वह आगे भी पूरी निष्ठा के साथ राष्ट्रहित में काम करते रहना चाहते हैं।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बताया कि जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं तो उन्हें सेवा के इन वर्षों में मिले अनुभव और लोगों का विश्वास याद आता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी, वह उनके लिए बहुत बड़ा दायित्व है।
पीएम मोदी ने भगवान से प्रार्थना करते हुए देश की सेवा करने की शक्ति और सामर्थ्य मांगा। उनका कहना था कि आने वाले समय में भी वह देशवासियों के कल्याण के लिए काम करते रहें और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान देते रहें।
25 साल की इस यात्रा को पीएम मोदी ने अपने लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने देशवासियों के विश्वास और सहयोग के लिए आभार जताया। पीएम मोदी की इस बात ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि उनके लिए सार्वजनिक जीवन का मूल उद्देश्य राष्ट्रसेवा और देशहित में काम करना है।

