क्या है यूपी को लेकर बीजेपी की रणनीति, नव-नियुक्त बीजेपी यूपी प्रभारी विनोद तावड़े का दौरा किन मायनों में है अहम, बीजेपी के एजेंडे में क्या-क्या है, जानने की कोशिश करते हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है नजर लगातारी तीसरी जीत पर है। इसी रणनीति के तहत बीजेपी ने अपने सबसे कद्दावर रणनीतिकार को यूपी की कमान सौंपी है। इस नेता का नाम है विनोद तावड़े जो पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में बीजेपी की जीत के पीछे एक बड़ा चेहरा रहे हैं। नव-नियुक्त बीजेपी यूपी प्रभारी तावड़े मिशन यूपी के तहत राज्य के दौरे पर हैं। विनोद तावड़े 5 सितंबर 2026 से दो-दिवसीय लखनऊ दौरे पर हैं, जहां वे जमीनी संगठन, बूथ स्तर की तैयारियों और ‘मिशन 2027’ के लिए रणनीतिक मंथन कर रहे हैं। रविवार को भी उनकी बैठकों का दौर चलेगा जिसमें आगामी चुनाव को लेकर अहम चर्चा की जाएगी। लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में तावड़े वरिष्ठ नेताओं के साथ 2027 चुनाव को लेकर मंथन कर रहे हैं। क्या है यूपी को लेकर बीजेपी की रणनीति, तावड़े का दौरा किन मायनों में है अहम, बीजेपी के एजेंडे में क्या-क्या है, जानने की कोशिश करते हैं।
सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
उनका फोकस मुख्य रूप से सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर है। इसके अलावा वह प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री के साथ भी अहम बैठक करेंगे जिसमें संगठन के फीडबैक पर चर्चा की जाएगी। लखनऊ पहुंचने के बाद तावड़े ने कहा कि एनडीए आगामी चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगा और फिर से अगले 5 साल के लिए जनता की सेवा के लिए खुद को समर्पित करेंगे। इसके लिए हम सब वचनबद्ध हैं। विनोद तावड़े के लखनऊ दौरे का दूसरा दिन आगामी चुनावों और संगठनात्मक कसावट के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। पहले दिन बैठकों का दौर और राजनीतिक हमले शुरू करने के बाद, दूसरे दिन मुख्य फोकस ‘मिशन-2027’ के रोडमैप और कोर कमेटी के फैसलों पर है।
प्रदेश पदाधिकारियों तावड़े ने दिया क्या संदेश?
इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में राज्यस्तरीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई, जिसमें विनोद तावड़े ने पदाधिकारियों से सीधे संवाद के बाद 2027 विधानसभा चुनावों के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन और रोडमैप सौंपा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में राज्य में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी रैलियों, बड़े विकास प्रोजेक्ट्स के लोकार्पण/ शिलान्यास कार्यक्रमों और सरकार संगठन के समन्वय पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। तावड़े ने सभी प्रदेश महामंत्रियों और क्षेत्रीय प्रभारियों से उनके सितंबर महीने के प्रवास का शेड्यूल मांगा है। अधिकारियों को केवल औपचारिक दौरों के बजाय क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए हैं। तावड़े का संदेश साफ है कि कार्यकर्ता और नेता दिन-रात चुनाव के लिए एकजुट हो जाएं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ही होंगे चेहरा
तावड़े ने स्पष्ट संकेत दिया कि 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे और मजबूत संगठन के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्वागत समारोहों, होर्डिंग्स और रोड शो से बचने का सख्त निर्देश दिया है ताकि पूरा ध्यान केवल जमीनी संगठन और बूथ मैनेजमेंट पर केंद्रित रहे। तावड़े की नियुक्ति बताती है कि यूपी चुनाव बीजेपी के लिए बेहद अहम साबित होने जा रहा है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि योगी आदित्यनाथ ही चुनाव की अगुवाई करेंगे। तावड़े ने समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर कटाक्ष करते हुए उसे “पराया धन अपना” करार दिया है और इसका मुकाबला करने की रणनीति बनाई है।
विनोद तावड़े का दौरा इतना अहम क्यों है?
भाजपा का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद विनोद तावड़े का लखनऊ का यह पहला आधिकारिक और दो दिवसीय दौरा है।
हालिया लोकसभा चुनावों में राज्य में लगे झटकों के बाद भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों में अपनी पकड़ वापस मजबूत करने के लिए संगठन की कमियों को दूर करना चाहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप-मुख्यमंत्रियों और संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ मैराथन बैठकों का मुख्य उद्देश्य सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
तावड़े को चुनावी प्रबंधन और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ बेहतर तालमेल बैठाने का माहिर माना जाता है (जैसा कि उन्होंने बिहार में NDA की वापसी के दौरान कर दिखाया था)।
बीजेपी के ‘मिशन 2027’ के मुख्य एजेंडे में क्या होगा इस पर नजरें सभी की हैं। क्या-क्या होगा एजेंडे में जानिए-
विपक्ष के ‘PDA’ कार्ड की काट
समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए गैर-यादव ओबीसी, दलितों और असंतुष्ट सामाजिक वर्गों को दोबारा जोड़ने के लिए विशेष आउटरीच रणनीति।
माइक्रो-बूथ मैनेजमेंट और पन्ना प्रमुख
दिखावटी कार्यक्रमों या होर्डिंग्स के बजाय सीधे बूथ और पन्ना स्तर पर सांगठनिक ढांचे को पुनर्जीवित करने पर सख्त निर्देश।
जनप्रतिनिधियों का रिपोर्ट कार्ड
विधायकों व मंत्रियों के प्रदर्शन का फीडबैक तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कमजोर प्रदर्शन करने वाले चेहरों को बदलने का विकल्प खुला रखा गया है।
नाराज कार्यकर्ताओं की वापसी
पिछले कुछ वर्षों में निष्क्रिय या उपेक्षित हुए पुराने और समर्पित नेताओं व कार्यकर्ताओं को दोबारा सक्रिय कर मुख्यधारा में लाया जाएगा।
युवाओं और Gen-Z को जोड़ना
राज्य के नए वोटरों और युवाओं को पार्टी की विचारधारा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए बूथ कमेटियों में युवा चेहरों को वरीयता देने की योजना है।
2024 के लोकसभा नतीजों से सबक
विनोद तावड़े का यह दौरा साबित करता है कि भाजपा 2024 के लोकसभा नतीजों से सीख लेते हुए विधानसभा चुनावों के लिए किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी और पूरी पार्टी चुनावी तथा सांगठनिक मोड में आ चुकी है। लोकसभा चुनाव नतीजों ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया था। इसके कारण बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिल पाया और तेलुगुदेशम और जेडीयू पर निर्भर रहना पड़ा। बीजेपी बिल्कुल नहीं चाहेगी कि वैसी ही स्थिति विधानसभा चुनाव के लिए भी पैदा हो। अखिलेश यादव पीडीए समीकरणों को साधकर योगी सरकार पर रोजाना हमले बोल रहे हैं। ऐसे में योगी के नेतृत्व में तीसरी बार यूपी की सत्ता पर काबिज होना आसान नहीं होगा।

