ट्विशा शर्मा में मृतका की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि ट्विशा गर्भपात कराना चाहती थी. उन्होंने कहा, ‘करीब 5 महीनों के भीतर मुझे एहसास हो गया था कि उसके विचार काफी उदार थे. 17 तारीख को जैसे ही उसे अपनी प्रेग्नेंसी की पुष्टि हुई, उसका पूरा व्यवहार बदल गया. उसने कहा कि वह इस बच्चे को नहीं रखना चाहती. उसी शाम जब मैं ऑफिस से घर लौटी तो मैंने देखा कि उसकी हालत बेहद खराब थी. वह खुद को मार रही थी और लगातार कह रही थी, ‘मैं इस तरह नहीं जी सकती.’ मैंने उससे कहा कि अगर वह सच में जाना चाहती है तो हम अगले दिन उसका टिकट करवा देंगे ताकि वह सम्मानपूर्वक जा सके. हमें नहीं पता कि वह रात में कहां गई थी. मैंने उसकी मां से भी पूछा, लेकिन उन्होंने भी कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता. वह पूरी तरह अपनी मर्जी से चलती थी और बेहद जल्दबाजी व लापरवाही में फैसले लेती थी.’
उन्होंने आगे कहा, ‘उस घटना के बाद उसकी मां 23 तारीख को यहां आई थीं, लेकिन रुकी नहीं. उन्होंने कहा कि 30 तारीख को समर्थ के आने पर वापस आएंगी. 30 तारीख को वह फिर आई और दोबारा अस्पताल जाकर एमटीपी (गर्भपात) कराने की जिद करने लगी.’
मेरा बेटा शुरुआत से ही परेशान था- गिरिबाला
गिरिबाला सिंह ने समर्थ को लेकर कहा, ‘लड़के अक्सर आंसुओं के जरिए अपनी भावनाएं जाहिर नहीं कर पाते. मेरा बेटा शुरुआत से ही उसके व्यवहार की वजह से परेशान था. उसने काफी कोशिश की, लेकिन कोई सुधार नजर नहीं आया. इतना बड़ा झगड़ा नहीं था, लेकिन एमटीपी के बाद मन में तनाव आना स्वाभाविक है. उसकी जिद और यह कहना कि ‘तुम मुझे कंट्रोल नहीं कर सकते’, ये सब बातें थीं. अगर किसी व्यक्ति के मन में दो विरोधी आवाजें चल रही हों तो आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?’
उन्होंने कहा, ‘समर्थ सामने आएगा, लेकिन उसे अपनी स्वतंत्रता और कानूनी अधिकारों की रक्षा करने का पूरा हक है. यह ऐसा मामला है जिसे खारिज कर दिया जाना चाहिए. बल्कि इस मामले में सार्वजनिक सहानुभूति हमें मिलनी चाहिए. स्वाभाविक है कि वह अपने अधिकारों का पूरा इस्तेमाल करेगा और उसके वकील उसकी तरफ से मजबूती से पैरवी करेंगे.’

