वनडे वर्ल्ड कप 2027 में अब करीब एक साल का समय बाकी है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए ज्यादातर टीमें अपनी तैयारियों में जुट चुकी हैं। वहीं, टीम इंडिया का फोकस अब भी टी20 क्रिकेट पर ज्यादा नजर आ रहा है। आईपीएल 2026 के बाद भारतीय टीम का शेड्यूल भी यही संकेत देता है कि वनडे क्रिकेट को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है।
आईपीएल 2026 के बाद टीम इंडिया ने अब तक सिर्फ 6 वनडे मुकाबले खेले हैं, जबकि इसी दौरान 11 टी20 मैच खेले जा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि अगला वनडे वर्ल्ड कप 2027 में है, जबकि टी20 वर्ल्ड कप 2028 में खेला जाएगा। इसके बावजूद वनडे क्रिकेट को कम प्राथमिकता मिलती दिख रही है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि पर्याप्त वनडे मैच और मजबूत कोर टीम के बिना भारत 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी कैसे पूरी करेगा?
कोर टीम का ही पता नहीं
वनडे मैचों की कमी का असर टीम इंडिया की तैयारियों पर भी साफ नजर आ रहा है। बल्लेबाजी क्रम लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन ऑलराउंडर और गेंदबाजी विभाग में अब भी सही संयोजन की तलाश जारी है। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह के अलावा किसी की जगह पक्की नहीं दिखती, वहीं उनकी फिटनेस भी चिंता का विषय बनी हुई है। हालिया वनडे सीरीज में गुरनूर ब्रार और प्रिंस यादव जैसे नए खिलाड़ियों को मौका मिला है, जिन्हें 2027 वर्ल्ड कप की संभावित टीम के दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है।
शमी और भुवी की वापसी की मांग
वनडे टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने के लिए कई क्रिकेट विशेषज्ञ मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार की वापसी की वकालत कर रहे हैं। शमी चोट से उबरने की कोशिश में हैं, जबकि भुवनेश्वर 2022 के बाद से टीम इंडिया से बाहर हैं। हालांकि, पिछले दो आईपीएल सीजन में उनके शानदार प्रदर्शन ने वापसी की चर्चा तेज कर दी है। दोनों अनुभवी गेंदबाजों का SENA देशों में भी प्रभावशाली रिकॉर्ड रहा है, जिससे 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के मद्देनजर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
खिलाड़ियों को मिले कम मौके
टी20 और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली का पूरा फोकस अब वनडे क्रिकेट पर है, लेकिन उन्हें भी पर्याप्त मैच नहीं मिल रहे हैं। 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद दोनों ने सीमित संख्या में ही वनडे खेले हैं। वहीं, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह की वनडे में मौजूदगी इससे भी कम रही है। ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप से पहले प्रमुख खिलाड़ियों को मैच प्रैक्टिस नहीं मिलना टीम इंडिया की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
वनडे में पीछे और टी20 में आगे
वनडे क्रिकेट के मुकाबले टीम इंडिया का फोकस टी20 पर कहीं अधिक नजर आता है। पिछले ढाई साल में भारत ने फुल-मेंबर देशों के बीच सबसे ज्यादा 78 टी20 मैच खेले हैं, जबकि 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद सिर्फ 29 वनडे मुकाबले ही खेले गए। अगले साल अप्रैल तक भी टीम के कार्यक्रम में वनडे से ज्यादा टी20 मैच शामिल हैं। ऐसे में 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
चोट और टीम चयन पर विवाद
टीम इंडिया की 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में चोट और चयन से जुड़ी समस्याएं बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही हैं। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी जैसे अहम खिलाड़ी फिटनेस से जूझ रहे हैं। वहीं, टीम कॉम्बिनेशन और खिलाड़ियों के चयन को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सही रणनीति और मजबूत संयोजन के बिना भारत की वर्ल्ड कप तैयारियां फिलहाल अधूरी नजर आ रही हैं।

