वाराणसी के मुंडन कांड की सच्चाई आई सामने, पैसे लेकर भारतीय बन गया था नेपाली

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भारत नेपाल के बीच पहले नक्शा विवाद और बाद में नेपाली पीएम के भगवान राम को नेपाली बताने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दोनों देशों से जुड़े एक मामले ने तूल पकड़ लिया। आपको बता दें बीते दिनों उत्तरप्रदेश के वाराणसी में एक नेपाली युवक के जबरन सिर मुंडाने का वीडियों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसके बाद कुछ संस्थाओं ने इस पर कड़ी आपत्ती जताई गई थी, लेकिन इस मामले में अब पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

बता दें वाराणसी पुलिस की छानबीन में पता चला है कि जिस युवक के साथ ये घटना हुई वो नेपाली नहीं, बल्कि भारतीय है, और उसका जन्म वाराणसी में ही हुआ है। पुलिस का ये भी कहना है कि उस शक्स का आधार और वोटर आईडी कार्ड भी वाराणसी का है। आरोपियों को वो पहले से जानता था। साथ ही उसे अपने बाल को साफ कराने के एवज में एक हजार रुपए भी मिले थे। पुलिस ने इस पूरे मामले में 6 लोग गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम संतोष पांडे, आशीष मिश्रा, राजू यादव, अमित दुबे, राजेश राजभर, जय गणेश शर्मा है।

इस मामले में वाराणसी के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि हमारा संपर्क वीडियो में दिख रहे व्यक्ति से हुआ। वो वाराणसी में ही रहता है और जल संस्थान की सरकारी कॉलोनी में उसका आवास है। युवक के पिता और माता दोनों ही सरकारी नौकरी में हैं। 

अमित पाठक के मुताबिक, युवक ने बताया कि वीडियो बनाने वाले उन 6 लोगों के कहने पर वो उनके साथ गया और वीडियो को बनवाने के एवज में उसे 1000 रुपये भी दिए गए।  इस पूरे घटनाक्रम में और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

दरअसल बीते 16 जुलाई शाम को अरुण की ओर से अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो जारी किया गया था। उस वीडियो का संज्ञान लेते हुए थाना भेलूपुर में मामला दर्ज किया गया था। वीडियो में नेपाल के नागरिकों और राजनीतिक लोगों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

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