मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि वह केवल मीडिया या न्यूज रिपोर्ट के आधार पर कोई आदेश जारी नहीं करेगी।
याचिका में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से मामले से जुड़े कुछ आरोप और मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत में किसी भी दावे के समर्थन में ठोस और उचित सामग्री पेश करना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद इस मामले को लेकर कानूनी बहस और तेज हो गई है। अदालत ने संकेत दिया कि केवल खबरों में प्रकाशित जानकारी के आधार पर किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कौन से दस्तावेज और कानूनी आधार पेश किए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। ज्ञानेश कुमार को लेकर पहले भी विपक्ष की ओर से कई सवाल उठाए जाते रहे हैं।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने यह साफ कर दिया है कि अदालत किसी भी कार्रवाई के लिए विश्वसनीय और ठोस आधार को प्राथमिकता देगी।

