समय रैना समेत पांच कॉमेडियनों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्टैंड-अप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत पांच कलाकारों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक कार्यवाहियों को रद्द कर दिया। मामला ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में दिव्यांगजनों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा था। कोर्ट ने समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत दी। साथ ही, अदालत ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कलाकारों की ओर से किए गए सकारात्मक प्रयासों और फंडरेजिंग पहलों की सराहना की।
सर्वोच्च न्यायालय का रुख
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पांचों कॉमेडियन्स के हालिया सुधारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें प्रतिभाशाली और होनहार युवा बताया। कोर्ट ने कहा कि ईमानदार नीयत और सकारात्मक प्रयासों से बेहतर परिणाम सामने आते हैं। अदालत ने कॉमेडियन्स के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म कर दी, हालांकि डिजिटल कंटेंट के नियमन और दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा व्यापक मुद्दा अभी खुला रहेगा। इस मामले में दिव्यांग समुदाय के सुझावों के आधार पर ऑनलाइन कंटेंट के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने पर भी विचार जारी रहेगा।
क्या था पूरा विवाद और क्यों दर्ज हुई थी एफआईआर?
यह विवाद 14 नवंबर 2024 को मुंबई के खार हैबिटेट में शूट हुए ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड के बाद शुरू हुआ था। शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी और उसके इलाज के खर्च को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर विवाद हुआ। ‘क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन’ ने इसे दिव्यांगजनों की गरिमा और अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद शो से जुड़े कई कलाकारों के खिलाफ कार्रवाई हुई। वहीं, इसी मामले में रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत मिली थी, जबकि उनकी मुख्य याचिका अभी लंबित है।
जुर्माना, सुधार की शर्तें और ₹12.5 करोड़ की समाज सेवा
मामले की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने पांचों कॉमेडियन्स पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए उन्हें दिव्यांगजनों के सम्मान में चैरिटी कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया था। सुनवाई में बताया गया कि कलाकारों ने पुणे में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की और चार अन्य फंडरेजिंग शो भी किए। इन पहलों के जरिए करीब ₹12.5 करोड़ जुटाए गए, जिसे दिव्यांगजनों और SMA मरीजों के इलाज व सहायता में लगाया जाएगा। कलाकारों के इन प्रयासों से संतुष्ट होकर कोर्ट ने उनके सकारात्मक रुख की सराहना की।

