राहुल गांधी ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा की। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने झारखंड सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करने की अपील की।
कांग्रेस ने की तीन मांगें”
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि असली सवाल यह है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर गोली और पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने छात्रों पर कील लगी लाठियों से कथित मारपीट का भी जिक्र किया। राहुल ने कहा कि अगर अमित शाह ने कार्रवाई के आदेश दिए थे तो वे इसके लिए जिम्मेदार हैं और अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह उनकी अक्षमता है। उन्होंने दोनों ही परिस्थितियों में अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं—प्रधानमंत्री घटना के लिए माफी मांगें, राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर जवाब दिया जाए और दिल्ली में छात्रों पर गोली चलाने के आदेश को लेकर अमित शाह स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से विपक्ष इसी मुद्दे पर जवाब मांग रहा है। राहुल ने साफ किया कि अमित शाह के सामान्य भाषण से ज्यादा जरूरी यह बताना है कि छात्रों पर कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।
राहुल गांधी ने कहा, “अमित शाह में संसद में आकर हमारे सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं है। पिछले 15 दिनों में उन्होंने यही दिखाया है। न तो नरेंद्र मोदी और न ही अमित शाह में इतनी हिम्मत है। किसी को उनकी राय में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम बस यह जानना चाहते हैं कि फायरिंग का आदेश किसने दिया, और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिया, तो MHA में किसने आदेश दिया? हम यह समझना चाहते हैं: क्या यह गलती है या अक्षमता?”
पीएम और गृहमंत्री से मांगा जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संसद सत्र शुरू होने के पहले दिन से ही विपक्ष दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसे मामलों पर गृह मंत्री अमित शाह को सदन में जवाब देना चाहिए था। खरगे ने आरोप लगाया कि विपक्ष की लगातार मांग के बावजूद करीब दो हफ्ते तक सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की।
खरगे ने कहा कि विपक्ष की दूसरी मांग राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चोरी के मामले में सख्त कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पर स्थिति स्पष्ट करने की है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, ऐसे में घटना पर प्रधानमंत्री की चुप्पी सवाल खड़े करती है। खरगे के मुताबिक, विपक्ष इन तीनों मुद्दों पर लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है और राहुल गांधी भी इन्हें लगातार उठाते रहे हैं।

