Shiraemani Akali Dal exit from NDA

कृषि बिल के विरोध में NDA से अलग हुआ अकाली दल

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मोदी सरकार के जरिए लाए गए कृषि बिल का देश में विरोध देखा जा रहा है। किसानों के साथ विपक्ष की ओर से भी मोदी सरकार के कृषि बिल का विरोध किया जा रहा है। इस बीच मोदी सरकार को उसके सहयोगी दल Shiraemani Akali Dal ने एक और झटका दे दिया है। कृषि बिल के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का साथ छोड़ दिया है।

शिरोमणि अकाली दल की ओर से काफी वक्त पहले से ही मोदी सरकार के जरिए लाए गए कृषि बिलों का विरोध किया जा रहा है। विरोध के चलते अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने पहले ही केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि तब अकाली दल का NDA को समर्थन जारी था लेकिन अब अकाली दल ने कृषि बिल के विरोध में NDA से अलग होने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अकाली दल ने NDA से समर्थन वापस ले लिया है।

अकाली दल ने कहा है कि Shiraemani Akali Dal ने एमएसपी पर किसानों की फसलों के सुनिश्चित मार्केटिंग की रक्षा के लिए वैधानिक विधायी गारंटी देने से मना करने के कारण बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन से हाथ खींचने का फैसला किया है। पंजाबी और सिख मुद्दों के प्रति असंवेदनशीलता देखते हुए ये फैसला किया गया है।


अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी की कोर कमेटी की अध्यक्षता करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। जिसके बाद NDA से अलग होने का फैसला किया गया। इससे पहले सुखबीर सिंह बादल का कहना था कि अकाली दल के एक बम ने मोदी सरकार को हिला दिया है। पिछले 2 महीनों से किसानों पर कोई शब्द नहीं था, लेकिन अब 5-5 मंत्री इस पर बोल रहे हैं।

इससे पहले कृषि बिल पर विरोध दर्ज करवाते हुए केंद्रीय मंत्री पद से हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया था। हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री थीं। केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद हरसिमरत कौर बादल ने कहा था कि किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है।

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