पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पिछले दो दिनों में पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद तीनों विधायक आज दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। विधायकों के इस फैसले से पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
1 नवंबर 2026 को पंजाब में आम आदमी पार्टी को उस समय झटका लगा, जब पार्टी के दो विधायकों हरमीत सिंह पठान माजरा और पूर्व मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने इस्तीफा दे दिया। वहीं, 2 नवंबर की सुबह पार्टी से निलंबित विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को भेजा। इसके बाद तीनों पूर्व AAP विधायक दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
बीजेपी ज्वाइन करने वाले कुंवर विजय प्रताप सिंह का सामने आया बयान
बीजेपी में शामिल होने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में AAP अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है और इसके लिए अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंजाब में भी डबल इंजन की सरकार बनेगी। कुंवर विजय प्रताप ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में गैंगस्टरों का दबदबा है। उन्होंने अमृतसर में एसपी के रूप में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि 2007 से 2009 के बीच उन्होंने नशे और अपराध पर काफी हद तक काबू पाया था। उनके मुताबिक, पद छोड़ने के बाद हालात फिर बिगड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल पंजाब में किस तरह गुजारे हैं, यह वह खुद ही जानते हैं।
बीजेपी में शामिल होने के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा क्या बोले?
बीजेपी में शामिल होने के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा ने आम आदमी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब AAP ने पहली बार पंजाब में कदम रखा था, तब उसने जनता के सामने बेहतर भविष्य का विजन रखा था। इसी सोच के चलते पार्टी राज्य में अपनी सरकार बनाने में सफल हुई थी। हालांकि, समय के साथ पार्टी में बदलाव आया और पंजाब के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले नेताओं को किनारे कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार की नीतियों ने पंजाब को मुश्किल हालात में पहुंचा दिया है। पठानमाजरा ने कहा कि पंजाब को ‘उड़ता पंजाब’ नहीं, बल्कि ‘उभरता पंजाब’ बनाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने यह भी दावा किया कि AAP सरकार ने अन्य सरकारों के मुकाबले सबसे ज्यादा कर्ज लिया है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति खराब हुई है।

