पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी यानी AAP के तीन बागी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इससे मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जौरामाजरा और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुँवर विजय प्रताप सिंह का नाम शामिल है। इन नेताओं के पार्टी छोड़ने से पंजाब में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
पार्टी छोड़ने के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा ने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के कामकाज में दिल्ली के नेताओं का दखल बढ़ गया है। विधायकों ने राज्य में नशे की समस्या, बढ़ते कर्ज, कानून-व्यवस्था और चुनावी वादे पूरे नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस घटनाक्रम पर बीजेपी को निशाने पर लिया है। पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी दूसरी पार्टियों से निकाले गए नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन तीन नेताओं के जाने से पंजाब में AAP की राजनीतिक स्थिति कमजोर होगी? इसका जवाब आने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है।

