देश की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन की ओर से लोकतंत्र और वोट चोरी के मुद्दे पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया है।
दरअसल, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन ने बड़ी रैली आयोजित की थी। इस रैली में राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए।
इसके जवाब में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत देश के कई शहरों में मार्च निकाले। हिमाचल प्रदेश के शिमला में हिमंत बिस्वा सरमा ने मार्च का नेतृत्व किया, जबकि हरियाणा के रोहतक में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हुए। महाराष्ट्र के ठाणे में भी विरोध मार्च निकाला गया।
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। वहीं, 2 नवंबर को तेलंगाना में भी बीजेपी की पदयात्रा का कार्यक्रम है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होने वाले हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीजेपी और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है

