पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत मैती को पुलिस ने शुक्रवार सुबह उनके खड़गपुर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें डेबरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। अजीत मैती लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और उन्हें ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में माना जाता रहा है। वह पश्चिम मेदिनीपुर जिले में पार्टी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
गिरफ्तारी की वजह को लेकर सामने आई रिपोर्ट में इसे एक कथित धोखाधड़ी के मामले से जोड़ा गया है। आरोप है कि मैती ने पार्टी में पद दिलाने का भरोसा देकर गोबिंदा दास नाम के एक टीएमसी कार्यकर्ता से बड़ी रकम ली थी। इसी शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज होने और कार्रवाई की बात कही गई है।
हालांकि, दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तारी के समय पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी और पुराने मामले का भी जिक्र किया गया। ऐसे में आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अजीत मैती की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर राजनीतिक खींचतान और आगामी उपचुनावों को लेकर माहौल पहले से ही गर्म है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

