भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन दबाव देखने को मिला। सोमवार की तेज गिरावट के बाद मंगलवार, 29 सितंबर को भी सेंसेक्स और निफ्टी कमजोरी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 242.65 अंक गिरकर 72,529.07 पर, जबकि निफ्टी 64.05 अंक की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक पिछले सत्र में करीब छह महीने के निचले स्तर तक पहुंच चुके थे।
बाजार में गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी बाजार पर असर पड़ा है। सितंबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब 2.17 अरब डॉलर की निकासी की है।
सेक्टोरल स्तर पर भी दबाव रहा। मंगलवार को बैंकिंग इंडेक्स करीब 0.4 फीसदी और IT इंडेक्स लगभग 1.5 फीसदी नीचे रहा। कुल 16 प्रमुख सेक्टरों में से 13 में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक घटनाक्रम, बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा के लिए अहम रहेंगी।

