पाकिस्‍तान में बिगड़े सियासी हालात, सभी विपक्षी सांसद और विधायक दे सकते हैं सामूहिक इस्‍तीफा

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पाकिस्तान में इमरान सरकार विपक्षी दलों और जनता दोनों के निशाने पर है। विपक्षियों को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। लंदन में इलाज करा रहे पूर्व PM नवाज शरीफ ने कहा है कि इमरान सरकार देश की समस्याओं से भाग रही है, बिगड़ती आर्थिक स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी पर काबू पाने के बजाय झूठा प्रचार करने में लगी हुई है। इधर मरयम नवाज ने संकेत दिया है कि 8 दिसंंबर को सभी विपक्षी दलों के सांसद और विधायक सामूहिक इस्तीफे दे सकते हैं।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष नवाज शरीफ ने एक वर्चुअल कांफ्रेंस में कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब देश के नागरिकों को अपने बच्चों की फीस भरना, घर का किराया देना और गाडि़यों में पेट्रोल-डीजल भरवाना मुश्किल हो रहा है। इसके बाद भी इमरान सरकार झूठा प्रचार करने में लगी हुई है। नवाज ने इमरान के प्रमुख सहयोगी रिटायार लेफ्टिनेंट जनरल आसिम सलीम बाजवा पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान की जनता से धन बटोरकर अमेरिका में विलासितापूर्ण जीवन जीने के साधन जुटा रहे हैं।

कार्यकर्ताओं के इसी सम्मेलन में पार्टी की उपाध्यक्ष और नवाज की बेटी मरयम नवाज ने कहा कि 8 दिसंंबर को विपक्षी दल सरकार के खिलाफ कई बड़े निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने सांसदों और विधायकों के इस्तीफे दिए जाने के भी संकेत दिए। इधर जमात-ए- इस्लामी के नेता सिराजुल हक ने कहा है कि जो लोग कह रहे हैं कि आर्थिक स्थिति ठीक हो रही है, उन्हें आटे और दाल का भाव बाजार में मालूम करना चाहिए।

पाकिस्तान में विपक्ष के नेता फजलुर रहमान ने इमरान खान को चेतावनी दी है कि यदि लाहौर में होने वाली रैली को विफल करने की कोशिशें की गई और सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया गया तो नतीजे गंभीर होंगे। सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। उन्‍होंने सुरक्षा बलों से कहा कि आप देश की ताकत हैं। आप हमारी सीमाओं की मजबूती के साथ रक्षा करें। सुरक्षा बलों को देश के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए।

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वहीं पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के पंजाब प्रांत के अध्यक्ष राना सनाउल्लाह ने बताया कि देश के 11 विपक्षी दलों के संगठन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) के केंद्र और प्रांतीय सरकार के सांसद और विधायक सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला पीडीएम नेता ही लेंगे। उन्‍होंने चेताया कि यदि सरकार ने विपक्षी नेताओं से बात नहीं की तो इससे हालात और खराब होंगे।

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