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Parliament Special Session : लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के प्रस्ताव पर वोटिंग, पक्ष में 251 और विरोध में 185 वोट पड़े

मोदी सरकार आज देश की आधी आबादी को सबसे बड़ा तोहफा देने जा रही है। सरकार ने आज लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए इनमें महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश किया।

विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?
लोकसभा में बिल पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है। पीएम मोदी दोपहर 3 बजे इस पर भाषण देंगे। 17 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा के बाद तीनों बिलों पर वोटिंग होगी। वहीं, राज्यसभा में तीनों बिल 18 अप्रैल को पेश किए जाएंगे जहां चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। 18 अप्रैल को ही राज्यसभा में चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी। मोदी सरकार ने बिल को लेकर पूरी तैयारी की है वहीं, विपक्ष भी बिल के विरोध में उतर आया है। विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण बिल के विरोध में नहीं है लेकिन इससे जुड़े परिसीमन को लेकर उसका विरोध है।

लोकसभा में तीनों बिलों पर कल शाम 4 बजे फाइनल वोटिंग
प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद लोकसभा में चर्चा जारी है। स्पीकर ओम बिरला ने कहा, गृह मंत्री ने इस बिल को पारित करने का प्रस्ताव रखा है। इसलिए दोनों बिल पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने बताया कि लोकसभा में तीनों बिलों पर कल शाम 4 बजे फाइनल वोटिंग होगी।

विपक्ष ने मीटिंग में तय किया कि वे विरोध करेंगे इसीलिए हंगामा कर रहे- शाह
संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग के बाद अमित शाह ने कहा, ये दो कानून जरूरी थे, इसलिए साथ में लाए गए। संविधान संशोधन के बाद जो जरूरत उत्पन्न होती है, इसलिए इन्हें लाया गया। अभी हम चर्चा करेंगे। विपक्ष ने बस कल मीटिंग में तय किया कि वे विरोध करेंगे इसीलिए हंगामा कर रहे हैं। विपक्ष विरोध की मंशा से ही आया है।

बिल के पक्ष और विरोध में वोटिंग
सरकार का संविधान संशोधन बिल लाने का प्रस्ताव पास हुआ। बिल पर चर्चा के लिए 251 वोट पड़े जबकि विरोध में 185 वोट पड़े।

संविधान संशोधन बिल के पक्ष में 251 वोट पड़े
पेश करने के विरोध में 185 वोट पड़े
संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

विपक्षी महिला सांसदों ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ से कांग्रेस सांसद ज्योत्सना चरणदास ने बंगाल, तमिलनाडु में चुनाव के बीच बिल लाने पर सवाल उठाया। ज्योत्सना चरणदास ने कहा कि 2029 में 2011 के सेंसस के हिसाब से डिलिमिटेशन लागू करना गलत है। कांग्रेस सांसद डॉ. कडियाम काव्या ने भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये बिल साउथ के राज्यों पर थोपने की कोशिश हो रही है। देश की जीडीपी में 30 परसेंट योगदान देने वाले राज्यों के साथ अन्याय स्वीकार नहीं करेंगे।

विपक्षी सांसद कर रहे बिल का विरोध
लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पेश करने के कदम के खिलाफ वोटिंग पर जोर दिया है। DMK सांसद टीआर बालू, AIMIM सांसद ओवैसी उन विपक्षी सांसदों में शामिल हैं जो बिल पेश करने का विरोध कर रहे हैं। TMC और CPI-M बिल का विरोध कर रहे हैं।

लोकसभा में बिल के प्रस्ताव पर वोटिंग
संविधान संशोधन बिल लाने के प्रस्ताव पर लोकसभा में वोटिंग हुई। प्रस्ताव के पास होने के बाद इस पर चर्चा होगी। लोकसभा में अभी तक 333 वोट पड़े हैं। लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने बिल पेश करने के कदम के खिलाफ मतविभाजन पर जोर दिया था।

प्रस्ताव के पक्ष में अब तक 207 वोट पड़े
पेश करने के विरोध में विपक्ष के 126 वोट
अभी तक 333 वोट पड़े

मैं संविधान संशोधन बिल का विरोध करता हूं- ओवैसी
बिल पर चर्चा करते हुए AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, मैं संविधान संशोधन बिल का विरोध करता हूं। ये बिल सिर्फ महिला आरक्षण के लिए नहीं है। ये संघवाद के विरोधी हैं।

तीनों बिलों को पुर्नस्थापित करने के लिए ध्वनि मत से पास कराने की कोशिश की गई। विपक्ष ने मत विभाजन मांगा, इसके बाद स्पीकर ने इसके लिए वोटिंग की अनुमति दी।

धर्म के आधार पर आरक्षण का सवाल ही नहीं उठता- अमित शाह
अमित शाह ने समाजवादी पार्टी के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जनगणना का काम जारी है, सरकार जातिगत जनगणना का फैसला ले चुकी है। पूरा देश संसद की कार्यवाही देख रहा है। सपा का बस चले तो वो घरों की जाति भी तय कर ले। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है। धर्म के आधार पर आरक्षण का सवाल ही नहीं उठता।

धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं हो सकता- रिजिजू
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, महिला बिल की चासनी के नाम पर जो हाल कश्मीर और असम का हुआ है, वही पूरे देश के साथ करने का प्रयास है। हम विपक्ष की ओर से इसका विरोध करेंगे। जब तक पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग की महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी, तब तक इसका विरोध करेंगे। सपा द्वारा की गई मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की बात पर किरेन रिजिजू ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं हो सकता, पूरे देश के महिलाओं के हक की बात हो।
कांग्रेस ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल, सपा ने भी किया विरोध
तीनों बिल पेश होते ही लोकसभा में हंगामा शुरू हो गया है। कांग्रेस ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने पूछा कि बिना जनगणना से पहले परिसीमन बिल क्यों? सरकार संविधान को हाइजैक करना चाहती है। उन्होंने बिल को वापस लेने की मांग की। वहीं, विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाएगा। समाजवादी पार्टी ने भी बिल का विरोध किया है। धर्मेंद्र यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार संविधान को तोड़ना-मरोड़ना चाहती है।

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश
लोकसभा में सरकार ने महिला आरक्षण बिल पेश किया। कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने महिलाओं को संसद में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए तीन बिल पेश किए। लेकिन विपक्ष बिल के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल अपनी बात रख रहे हैं।

बिल पेश होने के पहले किरेन रिजिजू का बड़ा बयान
विपक्ष ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो परिसीमन के लिए लाए जा रहे बिल का विरोध करेगा। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने विपक्ष की नसीहत दी है। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष परिसीमन के बहाने महिला आरक्षण बिल को न गिराए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।

महिला आरक्षण बिल पर चर्चा शुरू, दोपहर 3 बजे के बाद पीएम मोदी का संबोधन
लोकसभा की कार्यवाही जारी है। महिला आरक्षण बिल पर चर्चा शुरू हो गई है। आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी बात रखेंगे। दोपहर 3 बजे के बाद पीएम मोदी का संबोधन होगा।

महिला आरक्षण बिल पर बांसुरी स्वराज, रक्षा खडसे और कंगना रनौत रखेंगीं अपनी बात
इस बिल पर सरकार की तरफ से कौन बोलेगा, इसकी लिस्ट आ गई है। बिल पर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बोलेंगे। इनके अलावा बीजेपी ने अपने महिला सांसदों को बोलने की जिम्मेदारी सौंपी है।

महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में बोलने वाले सांसदों के नाम-

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
बांसुरी स्वराज
रक्षा खडसे
अपराजिता सारंगी
कंगना रनौत
संविधान संशोधन पर क्या है सरकार का पक्ष?
सरकार ने विरोधी दलों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश कर रही है और बार बार भरोसा दिला रही है कि किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। हर राज्य में लोकसभा की सीटें 50 परसेंट बढ़ाई जाएंगी यानी अगर तमिलनाडु की 39 सीटें हैं तो वो बढ़कर 59 हो जाएंगी। केरल की 50 परसेंट सीटें बढ़ीं, तो लोकसभा सीटों की संख्या 20 से बढ़कर 30 हो जाएंगी। सरकार इस बात को सदन में भी स्पष्ट करेगी। आज संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी दल, सरकार के साथ आकर देश की महिलाओं को उनका हक देंगे।

अखिलेश यादव ने बुलाई सांसदों की मीटिंग
समाजवादी पार्टी ने भी संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध करने की तैयारी की है। आज सुबह संसद भवन में सपा सांसदों की एक अहम बैठक होगी जिसकी अध्यक्षता खुद पार्टी मुखिया अखिलेश यादव करेंगे। पार्टी ने इस बैठक में शामिल होने का सभी सांसदों को आदेश दिया है। समाजवादी पार्टी की मांग है कि सरकार संसद में मौजूदा संख्याबल के आधार पर महिला आरक्षण बिल लेकर आए।

तमिलनाडु के CM स्टालिन ने पार्टी कार्यालय में फहराया काला झंडा
महिला आरक्षण संशोधन बिल के विरोध में दक्षिण भारत की कई पार्टियां उतर आई हैं। तमिलनाडु महिला आरक्षण संशोधन बिल के खिलाफ जबरदस्त विरोध दिख रहा है। सीएम स्टालिन के ऐलान के बाद लोगों ने घरों के बाहर काले झंडे लगा दिए हैं। वहीं सीएम स्टालिन ने भी पार्टी नेताओं के साथ मिलकर काला झंडा फहराया। इतना ही नहीं डीएमके नेताओं ने काले कपड़े पहनकर बिल का विरोध किया। डीएमके नेता एम के स्टालिन का कहना है कि मोदी सरकार दक्षिण भारत के राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है, उनके हक को मारा जा रहा है।

संसद के विशेष सत्र से पहले PM मोदी का पोस्ट
बिल पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। पीएम मोदी ने लिखा है कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
खरगे के कार्यालय में रणनीति बनाएंगे विपक्षी दलों के नेता
विपक्षी दलों के नेता आज राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में मिलेंगे, ताकि विशेष सत्र के दौरान सदन के पटल पर अपनाई जाने वाली रणनीति तैयार की जा सके। बता दें कि विपक्ष बिल के विरोध में उतर आया है। विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण बिल के विरोध में नहीं है लेकिन इससे जुड़े परिसीमन को लेकर उसका विरोध है।
850 सीटें और 33% का सपना
इन तीनों बिल के पास होने पर लोकसभा की 543 सीटें बढ़कर करीब 850 हो सकती हैं इनमें करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो सकती हैं। सरकार कह रही है कि ये आधी आबादी को उनका हक देने का ऐतिहासिक मौका है जबकि विपक्ष टाइमिंग पर सवाल उठा रहा है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल में नया सियासी सिरा निकाल लिया है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण बिल लाकर ओबीसी महिलाओं का हक मार रही है। साथ ही छोटे राज्यों का संसद ने नेतृत्व कम करने की तैयारी हो रही है।

विपक्ष की क्या है मांगें?
विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वो लोकसभा और राज्यसभा की बहस में हिस्सा लेगा लेकिन बिल का विरोध करेंगे। विपक्ष की मांग है कि-

1- महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण दिया जाए
2- महिला आरक्षण मौजूदा लोकसभा के आधार पर 2029 में लागू किया जाए
3-परिसीमन 2026 की जनगणना के आंकड़े सामने आने के बाद किया जाए
3- विपक्षी पार्टियां परिसीमन के मौजूदा प्रावधानों के खिलाफ है
विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?
विपक्ष मोदी सरकार के इन बिलों का विरोध कर रहा है। विपक्ष कहना है कि सरकार ने बड़ी चालाकी से महिला आरक्षण को डिलिमिटेशन से जोड़ दिया है। इससे सरकार के इरादों पर यकीन नहीं किया जा सकता। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हम सभी महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हैं। परिसीमन के मुद्दे पर वो चाल चल रहे हैं इसलिए सभी विपक्षी पार्टियों ने फैसला किया है कि हम सब मिलकर एक साथ संसद में इसका विरोध करेंगे।

मोदी सरकार की सौगात
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पहले दो बिल पेश करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीसरा बिल पेश करेंगे।
लोकसभा बिल पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है।
17 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा के बाद तीनों बिलों पर वोटिंग होगी।
वहीं राज्यसभा में तीनों बिल 18 अप्रैल को पेश किए जाएंगे, जहां चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया।
18 अप्रैल को ही राज्यसभा में चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी।
आज संसद में तीन बिल पेश करेगी सरकार
मोदी सरकार संसद में आज तीन अहम विधेयक पेश करने जा रही है…16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला ये विशेष सत्र संसद से लेकर देश की राजनीतिक दिशा तक के लिए काफी अहम है। मोदी सरकार संसद में जो तीन बिल लाने जा रही है उनमें-

पहला- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026
दूसरा- परिसीमन विधेयक, 2026
तीसरा- केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026
इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश किया जाएगा।

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