Farm bill protest

कृषि बिल विरोध: दलालों के दलाल बन गए हैं विपक्षी दल-जावड़ेकर

देश

कृषि बिलों को लेकर पिछले दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए गए। इस दौरान कई राजनीतिक विपक्षी दल भी बिलों को लेकर केंद्र की BJP सरकार पर हमलावर नजर आए। केंद्रीय Prakasha Javadekar ने कहा है कि विपक्षी दल दलालों के दलाल बन गए हैं।

कृषि बिल को लेकर जागरुकता पैदा करने की BJP सरकार की पहल के तहत केंद्रीय मंत्री गोवा में हैं। यहां पत्रकारों से बात करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि वास्तविक स्थिति में किसान अपनी उपज के लिए कम कमाते हैं और ग्राहकों को इसे उच्च दरों पर खरीदना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलालों द्वारा दाम बढ़ा दिए जाते हैं और Farm Bill से यह समस्या खत्म हो जाएगी।

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में हो रहे प्रदर्शन के पीछे वहां की सरकार है। उन्होंने कहा, पंजाब के अलावा देश में कहीं भी बिल के विरोध में प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं और वहां राज्य सरकार उसके पीछे है। वास्तव में किसानों ने कृषि बिलों का स्वागत किया है।


उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और एनसीपी ने कृषि बिलों के विरोध में अपना अभियान चलाया है। कांग्रेस अपने घोषणापत्र देखे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने भाषणों में कृषि सुधारों के बारे में बात की है, लेकिन कांग्रेस ने अब यू-टर्न ले लिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल एक ‘मिथक’ फैला रहे हैं कि नए कानूनों के तहत एपीएमसी बंद हो जाएंगी और सरकार उपज की खरीद बंद कर देगी या न्यूनतम समर्थन मूल्य को रोक दिया जाएगा। जावड़ेकर ने कहा, ‘ये सब झूठ है।’ इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि इन विधेयकों के पारित होने पर राज्य सभा में विपक्षी नेताओं ने जिस तरह से विरोध जताया, वह निंदनीय और शर्मनाक’ था।

वहीं उन्होंने शनिवार को मापुसा के रास्ते में लोगों के एक समूह द्वारा विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें शक है कि जो लोग विरोध कर रहे थे वे असली किसान थे भी। उन्होंने कहा कि देश की 60 फीसद आबादी कृषि क्षेत्र में शामिल है, लेकिन सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में उनका योगदान 15 फीसद है। उन्होंने आगे कहा कि उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें देश के बाहर बाजार देने की भी जरूरत है ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो।

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