रसोई के बजट पर एक बार फिर महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। प्याज की कीमतों में तेजी के चलते आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिन इलाकों में कुछ समय पहले प्याज करीब 30 रुपये किलो के आसपास मिल रही थी, वहां अब इसकी कीमत 60 रुपये प्रति किलो या उससे ज्यादा पहुंचने की खबर है।
प्याज की बढ़ती कीमतों का सीधा असर घर के महीने के बजट पर पड़ता है। सब्जियों में रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्याज की कीमत बढ़ने से घरेलू खर्च का हिसाब बिगड़ सकता है। खासकर सीमित बजट वाले परिवारों के लिए लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें परेशानी का कारण बनती हैं।
कीमतों में तेजी के पीछे मंडियों में आवक, सप्लाई और अलग-अलग क्षेत्रों में मांग जैसे कई कारण हो सकते हैं। स्थानीय बाजारों में कीमतें क्वालिटी और सप्लाई के हिसाब से अलग-अलग भी हो सकती हैं।
फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में राहत मिलती है या तेजी बनी रहती है। अगर दाम लंबे समय तक ऊंचे रहते हैं, तो इसका असर घरेलू रसोई के साथ-साथ छोटे होटल और ढाबों के खर्च पर भी देखने को मिल सकता है।

