कुछ पारियां सिर्फ मैच का नतीजा नहीं बदलतीं, बल्कि विरोधी टीम की यादों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद जहां उन्हें दुनियाभर से शुभकामनाएं मिल रही हैं, वहीं ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर ने 2019 एशेज की कड़वी यादें ताजा कर दीं। लैंगर ने स्वीकार किया कि स्टोक्स के खिलाफ कोचिंग करना उनके करियर के सबसे मुश्किल और दर्दनाक अनुभवों में से एक था।
जस्टिन लैंगर ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में बेन स्टोक्स को उनके करियर के लिए शुभकामनाएं दीं और साथ ही 2019 एशेज की हेडिंग्ले टेस्ट की यादें भी साझा कीं। उस समय ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच रहे लैंगर ने माना कि स्टोक्स की 135 रन की नाबाद पारी आज भी उनके लिए सबसे दर्दनाक क्रिकेटिंग यादों में शामिल है। स्टोक्स ने उस मुकाबले में इंग्लैंड को एक विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाकर एशेज सीरीज का रुख बदल दिया था।
एक पल में सुकून भरी शाम खत्म
जस्टिन लैंगर ने अपने पोस्ट में लिखा कि हेडिंग्ले टेस्ट में बेन स्टोक्स की वह पारी बीते 2501 दिन बाद भी उन्हें नहीं भूली है। उन्होंने बताया कि हाल ही में वह आराम से मैच देख रहे थे, लेकिन जैसे ही टीवी पर 2019 एशेज की वही ऐतिहासिक पारी दिखाई गई, उनकी पुरानी कड़वी यादें फिर ताजा हो गईं। लैंगर के मुताबिक, उस एक पल ने उनकी सुकून भरी शाम का पूरा माहौल बदल दिया।
लैंगर ने कहा कि हेडिंग्ले टेस्ट के कई पल आज भी उन्हें परेशान करते हैं। उन्होंने नाथन लायन के रन आउट मिस करने और गलत समय पर लिए गए DRS को हार की सबसे बड़ी वजहों में बताया। उनके मुताबिक, स्टोक्स उस समय एलबीडब्ल्यू आउट थे, लेकिन रिव्यू नहीं बचा था और अंपायर के फैसले ने मैच का रुख बदल दिया। आखिर में स्टोक्स 135 रन बनाकर नाबाद लौटे और ऑस्ट्रेलिया जीत से महज एक विकेट दूर रह गया।
स्टोक्स के करियर को किया सलाम
लैंगर ने खुलासा किया कि हेडिंग्ले टेस्ट में हार के बाद वह इतने निराश थे कि अकेले बैठकर स्कॉच पीने लगे, जबकि वह आमतौर पर ऐसा नहीं करते। उन्होंने माना कि कोचिंग करियर में इससे दर्दनाक पल उन्होंने कभी नहीं देखा। हालांकि, उन्होंने बेन स्टोक्स की जमकर तारीफ भी की और कहा कि उनके खिलाफ कोचिंग करना किसी बुरे सपने से कम नहीं था। लैंगर ने स्टोक्स को क्रिकेट के सबसे जुझारू और महान मुकाबलेबाज खिलाड़ियों में से एक बताते हुए उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को सलाम किया।
