NEET के बाद अब JPSC भर्ती परीक्षा को लेकर झारखंड में आंदोलन चल रहा है. 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में धांधली, OMR गड़बड़ी, मेरिट लिस्ट विवाद, CID जांच के बीच अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे थे. छात्रों के लगातार प्रदर्शन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्र सरकार को झुकना पड़ा. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तक देना पड़ा. बिल्कुल, ऐसा ही एक धरना प्रदर्शन रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा है.

इस विवाद की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को आयोजित 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के 2 जुलाई 2026 के रिजल्ट को घोषित करने के बाद हुआ. आयोग ने 103 वैकेंसी के लिए विज्ञापन निकाला था. मुख्य परीक्षा के लिए 2204 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इस रिजल्ट के सामने आने के बाद मेरिट लिस्ट की प्रक्रिया और OMR शीटों में गड़बड़ियों का दावा किया गया.
जेपीएससी पर उसके द्वारा कराई गई परीक्षाओं को लेकर यह अनियमितता का पहला आरोप नहीं है. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत साल 2000 में JPSC अपने गठन के बाद से ही विवादों में रहा. इसका काम राज्य सरकार के ग्रुप A और ग्रुप B अधिकारियों की भर्ती करना है. यह राज्य की सिविल सेवा, डीएसपी, बीडीओ, सीओ, श्रम अधिकारी, वित्त अधिकारी समेत कई पदों पर भर्ती करता है. लेकिन इन भर्तियों में अक्सर ही गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं. कई बार इसके अध्यक्ष तक सवालों के घेरे में रहे हैं. अब इसकी हालत ऐसी है कि इसे व्यापम से बड़ा घोटाला बताया जाने लगा है.
अपने गठन के महज 2 साल बाद, वर्ष 2002 भर्ती घोटाले में पूर्व अध्यक्ष, सदस्य और सचिव समेत कई लोगों पर कार्रवाई हुई. साल 2010 में आयोग ते तब के सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह के खिलाफ़ लिखित परीक्षाओं और इंटरव्यू में गड़बड़ियों की साज़िश रचने के आरोप में FIR दर्ज की गई. वहीं, 2011 में 35 अधिकारियों की नौकरी समाप्त की गई थी क्योंकि जांच में उनकी भर्ती को फर्जी पाया गया था.
जेपीएससी की अन्य कई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियां सामने आती रहीं. कई लोग जेपीएससी को भ्रष्टाचार का पर्याय मानने लगे हैं. अपने गठन के दो साल बाद से ही जेपीएससी साल दर सालसंशोधित परिणाम, अतिरिक्त परिणाम सूची, साक्षात्कार अंक विवाद, आरक्षण संबंधी मुकदमेबाजी, उत्तर कुंजी त्रुटियां, मूल्यांकन विवाद या न्यायालय का हस्तक्षेप जैसे विवादों में फंसता रहा है.
JPSC के गठन से अब तकः कौन-कौन सी परीक्षाएं विवादों में रहीं?
पहली संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2002: चयन प्रक्रिया में पक्षपात, मेरिट में गड़बड़ी के आरोप
दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2003-05: पहली परीक्षा की तरह चयन और इंटरव्यू प्रक्रिया पर सवाल
तीसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2007-08: परिणाम, मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया को लेकर अदालत में याचिकाएं दायर हुई
चौथी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2009: इंटरव्यू और मेरिट सूची को लेकर विवाद, न्यायिक चुनौती
पांचवी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2012: आरक्षण, उत्तर कुंजी और चयन प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों की आपत्तियां
6वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2016: परिणाम में देरी, आंसर की और मूल्यांकन को लेकर विवाद व मुकदमे
7वीं-10वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2021-22: आंसर की, कट-ऑफ, आरक्षण और मूल्यांकन को लेकर कई याचिकाएं
11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023-24: परिणाम, आरक्षण और चयन प्रक्रिया पर विवाद, कई मामले अदालत पहुंचे
14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026: OMR में कथित गड़बड़ी, कट-ऑफ जारी न करना, मेरिट सूची पर सवाल
JPSC की 14वीं संयुक्त परीक्षा को लेकर छात्रों का क्या है आरोप?
आयोग ने रिजल्ट के साथ श्रेणीवार कट-ऑफ अंक जारी नहीं किए
मेरिट लिस्ट पर आयोग के संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने का दावा
सोशल मीडिया पर कई कथित OMR शीट वायरल हुई
एक वायरल OMR में दावा किया गया कि उम्मीदवार ने सिर्फ 48 सवाल हल किए, फिर भी उसे पास घोषित किया गया
एक अन्य उम्मीदवार पर भी कम सवाल हल करने के बावजूद चयनित होने का आरोप लगा
वायरल OMR शीट की सरकार की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विवाद उपजा
आरोपों के बाद उम्मीदवारों ने JPSC कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया
बढ़ते विवाद के बाद राज्य सरकार ने CID की SIT बनाकर जांच के आदेश दिए
कैसे बड़ा होता गया JPSC के खिलाफ छात्रों का आंदोलन ?
JPSC की 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं पर सीआईडी की जांच चल ही रही थी कि 22 जुलाई 2026 को जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. OMR सीट में टेंपरिंग के दावों के बीच छात्र जेपीएससी कार्यालय के बाहर जुटने लगे. उधर जंतर-मंतर में आंदोलन अपने चरम पर पहुंच चुका था, तो रांची में भी जेपीएससी की 14वीं परीक्षा में गड़बड़ियों आरोप पर आंदोलन बड़ा होता गया.
छात्रों का विरोध प्रदर्शन रांची के JPSC कार्यालय से होते हुए मोराबादी स्थित बापू वाटिका, अल्बर्ट चौक से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंच गया. आंदोलन ने और रफ्तार तब पकड़ी जब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. छात्रों के डिमांड ना माने जाने तक उन्होंने पीछे ना हटने का ऐलान कर दिया. इस बीच सीआईडी ने जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के आरोप में में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें अभी और इजाफा होने की आशंका है.
सरकार से छात्रों की क्या-क्या मांगें हैं?
मामले की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए
14वीं JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज परीक्षा को कैंसिल किया जाए
14वीं JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज का दोबारा एग्जाम कराया जाए.
जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका है, उनकी फोरेंसिक जांच कराई जाए.
सभी अभ्यर्थियों की OMR शीट सार्वजनिक की जाए.
दोषी अधिकारियों और परीक्षा माफिया के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो.
परीक्षाओं में डिजिटल सुरक्षा मजबूत हो पारदर्शिता बढ़े
टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से हुई परीक्षाओं की समीक्षा
CID के केस संभालने के बाद क्या-क्या कार्रवाई हुई?
फिलहाल. JPSC की 14वीं संयुक्त परीक्षाओं में गड़बड़ियों को देखते हुए पूर्व अध्यक्षएल. खियांग्ते से CID ने कई दौर की पूछताछ की है. उनका पासपोर्ट भी जब्त किया गया है. उनके घर पर CID छापेमारी करने पहुंची थी. लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. इसके अलावा JPSC की पहले की भर्तियों को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं. इस बीच 22 जुलाई 2026 को जेपीएससी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2025 समेत कुल नौ भर्ती परीक्षाओं को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया.
अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हुए?
श्वेता कुमारी गुप्ता, डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, JPSC अधिकारी
रामवीर सिंह, निदेशक, टीडीपीएल एजेंसी से संबंध
मोहम्मद उस्मान, टीडीपीएल एजेंसी से संबंध
मोहम्मद एबाद, टीडीपीएल एजेंसी से संबंध
अभय कुमार तिवारी, टीडीपीएल एजेंसी से संबंध
हेमंत वर्मा, टीडीपीएल एजेंसी से संबंध
प्रदीप कुमार सिंह, टीडीपीएल एजेंसी से संबंध
संजय कुमार, टीडीपीएल एजेंसी से संबंध
3 नाम पुलिस ने सार्वजनिक नहीं किए हैं
अभ्यर्थियों को सीआईडी ने क्या निर्देश दिए?
सीआईडी ने अपनी जांच के दौरान 29 जुलाई एक नोटिफिकेशन जारी किया. इसमें सीआईडी की तरफ से कहा गया है जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित सभी अभ्यर्थियों को जांच में सहयोग करना होगा.
सीआईडी ने सफल अभ्यर्थियों से 30 जुलाई से 5 अगस्त 2026 के बीच पेपर-1 और पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी पीडीएफ या फोटो के रूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इसके लिए व्हाट्सएप नंबर 9934309058 और ईमेल complainjpsc- cid@jhpolice.gov.in जारी किए गए हैं. सीआईडी ने कहा है कि जिन अभ्यर्थियों के पास कार्बन कॉपी उपलब्ध नहीं थी, उन्हें रोल नंबर के साथ, इसका कारण बताना होगा.

