मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड जल्द ही अपना आईपीओ लॉन्च करने जा रही है। यह आईपीओ 21 अक्टूबर, बुधवार को खुलेगा और 23 अक्टूबर, शुक्रवार को बंद होगा। जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में काफी चर्चा है। इसमें न केवल रिटेल निवेशक, बल्कि देश और विदेश की कई बड़ी कंपनियां भी निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।
संस्थागत निवेशकों की तरफ से आई रिकॉर्ड मांग
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को संस्थागत निवेशकों से रिकॉर्ड प्रतिक्रिया मिली है। इस आईपीओ के लिए संस्थागत निवेशकों की कुल मांग करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो किसी भारतीय आईपीओ के लिए पहली बार इस स्तर पर पहुंची है। वहीं, 8,110 करोड़ रुपये की एंकर बुक के लिए निर्धारित आकार से 20 गुना से अधिक की मांग दर्ज की गई। इसे कंपनी में लंबी अवधि के निवेशकों के मजबूत भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
किस सेक्टर की कौन-सी कंपनियां करने जा रही हैं निवेश
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की एंकर बुक में सॉवरेन वेल्थ फंड, घरेलू म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशकों और बीमा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया है। इन निवेशकों की भागीदारी कंपनी की संभावनाओं पर उनके भरोसे को दर्शाती है। इस सूची में ब्लैक रॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और जानुस हेंडरसन जैसे बड़े वैश्विक एसेट मैनेजर शामिल हैं। इसके अलावा, GIC, ADIA, QIA और नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट जैसे प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने भी इसमें भागीदारी की है।
भारत की टॉप म्यूचुअल फंड कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को घरेलू संस्थागत निवेशकों से भी मजबूत समर्थन मिला है। देश के प्रमुख म्यूचुअल फंडों, जैसे एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक म्यूचुअल फंड ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई है। इसके अलावा, बीमा और पेंशन क्षेत्र की कई बड़ी संस्थाओं ने भी आईपीओ की एंकर बुक में भागीदारी की है। इनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल समेत अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
लंबी अवधि के निवेशकों का दबदबा, स्टॉक से लंबी अवधि में अच्छे मुनाफे की उम्मीद
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड, सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंडों की ओर से सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली है। संस्थागत निवेशकों की इस मजबूत भागीदारी से आईपीओ के लिए उचित कीमत तय करने और शेयर के दीर्घकालिक प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। वैश्विक निवेशकों से लेकर घरेलू संस्थानों तक, भारत में सक्रिय लगभग सभी प्रमुख फंडों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। आईपीओ को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। मजबूत एंकर बुक से मुख्य आईपीओ में भी निवेशकों की बड़ी भागीदारी और लिस्टिंग के दिन बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। इससे भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

