असम और बंगाल समेत सभी राज्यों में अकेले चुनाव में उतरेगी JDU, सीएम नीतीश ने नेताओं को सौंपा टास्क

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बिहार के सियासी गलियारे से बहुत बड़ी खबर है। जदयू (JDU) आगामी पश्चिम बंगाल (Paschim bengal chunav) और असम समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में अपने दम पर अकेले ही मैदान में उतरेगा। बता दें कि बिहार में BJP और JDU का गठबंधन है। बंगाल चुनाव में मुख्य मुकाबला TMC और BJP के बीच माना जा रहा है। इस खबर के बाद से बिहार के सियासी जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। CM नीतीश और JDU अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने आगामी चुनाव के मद्देनजर सोमवार को नेताओं को टास्क दिया।

अरुणाचल प्रदेश में घटी घटना के बाद माना जा रहा था कि JDU कुछ बड़ा ऐलान करने वाला है। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में JDU के छह विधायक दो दिन पहले BJP में शामिल हो गए थे। इस घटना पर जदयू ने झोभ जताया था। JDU प्रवक्ता केसी त्यागी ने इसे गठबंधन के खिलाफ बताया था, वहीं CM नीतीश ने आश्चर्य व्यक्त किया था। हालांकि JDU औऱ BJP दोनों पार्टी के नेताओं ने बार बार दोहराया कि अरुणाचल की घटना का बिहार में कोई असर नहीं पड़ेगा।

वहीं JDU के अब अकेले लड़ने के फैसले से अगले साल बंगाल और असम विधानसभा चुनाव भी रोचक होगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार को जदयू के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह और CM नीतीश कुमार ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में भी राज्यों से आये प्रतिनिधियों से बारी-बारी से बात की। इसी दौरीन CM नीतीश ने पूरे देश में पार्टी के विस्तार और धारदार बनाने का टास्क अपने नेताओं को सौंपा।

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इस दौरान JDU के कई दिग्गज नेता भी वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जल्द ही CM नीतीश की रैली का आयोजन बंगाल और असम में होगा। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद दो दिनों तक चली JDU राष्ट्रीय संगठन की बैठकों में जदयू (JDU) नये तेवर में नजर आया। रविवार को ही नीतीश कुमार ने स्वयं को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त करते हुए आरसीपी सिंह को तीन साल के लिए JDU का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया।

इससे पहले शनिवार को राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देश में संगठन विस्तार सहित पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने संबंधी राजनीतिक प्रस्ताव तैयार किये गये। उन प्रस्तावों पर रविवार की बैठक में चर्चा के बाद मुहर लगी। पद संभालने के बाद आरसीपी सिंह ने कहा कि अनुशासन तोड़ने वाले और पीठ में छुरा घोंपने वाले कतई बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की राजनीतिक घटनाक्रम पर भी क्षोभ व्यक्त किया था।

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