क्रैश होते ही समुद्र में समाया प्लेन, लेकिन 11 लोगों ने नहीं छोड़ी उम्मीद

फ्लोरिडा: अमेरिका के फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया, जहां विमान के क्रैश होने के बाद उसमें सवार 11 लोग करीब पांच घंटे तक समुद्र के बीच लाइफ राफ्ट पर फंसे रहे। उनके पास मदद मांगने का कोई जरिया नहीं था और खराब मौसम के बीच सभी लोग तिरपाल के नीचे बैठकर खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश करते रहे। बाद में अमेरिकी सेना और रेस्क्यू टीम के हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

उड़ान के दौरान विमान का इंजन खराब हो गया
अधिकारियों ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ विमान बीचक्राफ्ट 300 किंग एयर टर्बोप्रॉप था, जो बहामास के मार्श हार्बर से ग्रैंड बहामा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान मंगलवार को विमान में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलट ने फ्लोरिडा के वेरो बीच से करीब 80 किलोमीटर दूर समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग कराई। पायलट की समझदारी से विमान में सवार सभी 10 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर लाइफ राफ्ट तक पहुंचाया गया। इस हादसे में तीन लोगों को हल्की चोटें आईं।

‘क्रैश में लोगों का बच जाना चमत्कार से कम नहीं ’
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एयर फोर्स कैप्टन रोरी व्हिपल ने बताया कि समुद्र में फंसे लोग शारीरिक और मानसिक रूप से काफी डरे हुए थे, क्योंकि उन्हें यह तक नहीं पता था कि मदद पहुंच पाएगी या नहीं। वहीं, एयर फोर्स रिजर्व की मेजर एलिजाबेथ पिओवाटी ने पायलट की सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि ऊंची लहरों के बीच समुद्र में विमान उतारना बेहद मुश्किल काम होता है। उन्होंने इसे चमत्कार बताते हुए कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद सभी लोगों का सुरक्षित बच जाना बेहद दुर्लभ है।

ऊंची लहरों के बीच एक-एक को रेस्क्यू किया गया
विमान का इमरजेंसी बीकन सक्रिय होते ही अमेरिकी कोस्ट गार्ड को हादसे की सूचना मिल गई। उस समय एयर फोर्स रिजर्व की 920वीं रेस्क्यू विंग की टीम ट्रेनिंग मिशन पर थी, जिसे तुरंत बचाव अभियान में लगाया गया। रेस्क्यू टीम ने पहले समुद्र में फंसे लोगों का पता लगाया और उनके लिए अतिरिक्त लाइफ राफ्ट, खाना और पानी पहुंचाया। बाद में हेलीकॉप्टर की मदद से ऊंची लहरों के बीच सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

समुद्र में विमान का कोई मलबा नहीं मिला
मेजर पिओवाटी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन समय रहते पूरा होना बेहद जरूरी था, क्योंकि कुछ ही मिनट की देरी होने पर हेलीकॉप्टर को फ्यूल भरवाने लौटना पड़ सकता था। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि समुद्र में विमान का कोई मलबा नहीं मिला। सभी 11 लोगों को सुरक्षित निकालकर मेलबर्न ऑरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचाया गया, जहां मेडिकल टीम ने उनका इलाज किया। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि अमेरिकी FAA ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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