बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने NEET का री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया है. सीएम सम्राट ने बिहार में नीट कैंडिडेट्स के लिए सरकारी बसों में आवागमन फ्री कर दिया है. इसी के साथ NEET परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए बिहार की सभी सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी. जानकारी के लिए बता दें कि पेपर लीक के कारण रद्द हुई NEET UG 2026 की परीक्षा दोबारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी.
परीक्षा के दिन छात्रों को अपना एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) दिखाना होगा और बसों में फ्री सफर करने को मिल जाएगा. इससे छात्रों को समय पर केंद्र पहुंचने में मदद मिलेगी. साथ ही, अभिभावकों को भी बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.
कैंडिडेट्स और अभिभावकों की मदद करने की अपील
सीएम सम्राट ने जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य के सभी सामाजिक संगठनों, मठ-मंदिरों और गैर-सरकारी संगठनों से अपील की है कि वे आगे आएं और विभिन्न शहरों के मुख्य बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और परीक्षा केंद्रों के आसपास परीक्षार्थियों और उनके साथ आने वाले अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू, शरबत और अन्य बुनियादी खाद्य सामग्रियों की उचित व्यवस्था में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान करें.
इससे पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने शुक्रवार (22 मई) को नीट-यूजी 2026 के अभ्यर्थियों के लिए एक समर्पित पोर्टल खोला, ताकि वे प्रवेश परीक्षा रद्द होने के बाद परीक्षा शुल्क की वापसी के लिए अपने बैंक खाते का विवरण जमा कर सकें. एजेंसी ने सार्वजनिक सूचना में कहा, “बैंक खाता विवरण जमा करने की सुविधा 22 मई 2026 से 27 मई 2026 (रात 11:50 बजे तक) चालू रहेगी.”
नीट पेपर लीक केस में अब तक 11 गिरफ्तार
नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अन्य मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार की गई आरोपी की पहचान मनीषा संजय हवलदार के रूप में हुई है, जो पुणे, महाराष्ट्र स्थित सेठ हिरालाल सराफ प्रशाला में कार्यरत थीं.
वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ के रूप में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं और उसकी फिजिक्स प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी. जांच एजेंसी का दावा है कि अप्रैल 2026 में मनीषा हवलदार ने फिजिक्स विषय के कुछ प्रश्न सह-आरोपी मनीषा मंडारे को साझा किए थे, जिसे पहले ही 16 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई ने बताया कि साझा किए गए प्रश्न परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए हैं.

