शराब पर बवाल: अनिल बैजल को ‘बलि का बकरा’ बना रही केजरीवाल सरकार?

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) अपनी आबकारी नीति में अनियमितताओं से ध्यान हटाने की कोशिशों के तहत पूर्व उपराज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) को बलि का बकरा बना रही है.

मनीष सिसोदिया से भाजपा ने पूछा तीखा सवाल

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने पूछा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आबकारी विभाग के प्रमुख मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) अब तक चुप क्यों रहे. इससे पहले दिन में सिसोदिया ने बैजल पर अनधिकृत क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने पर अपना रुख बदलने का आरोप लगाया और दावा किया कि इससे दिल्ली सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने मामले का विवरण केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को भेज दिया है. उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए.

किसे बलि का बकरा बना रही है केजरीवाल सरकार?

संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘केजरीवाल सरकार पूर्व उप राज्यपाल पर दोष मढ़कर अपनी आबकारी नीति में अनियमितताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है और इसके लिए उसे एक बलि के बकरे की जरूरत है, क्योंकि सीबीआई जांच में उन अनियमितताओं को उजागर करने जा रही है.’ भाजपा प्रवक्ता ने दिल्ली सरकार द्वारा आबकारी नीति 2021-22 के कार्यान्वयन में कई अनियमितताओं का आरोप लगाया.

144 करोड़ रुपये के लाइसेंस शुल्क की छूट!

संबित पात्रा ने दावा किया कि मनीष सिसोदिया ने कैबिनेट की मंजूरी के बिना कोरोना वायरस महामारी के दौरान सबसे पहले लाइसेंसधारियों के लिए 144 करोड़ रुपये के लाइसेंस शुल्क की छूट दी. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि उनकी पार्टी पहले दिन से आबकारी नीति का विरोध कर रही है और अब केजरीवाल सरकार के गलत कामों का पर्दाफाश हो गया है. दिल्ली के तत्कालीन उपराज्यपाल बैजल के काल में अरविंद केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति तैयार की और इसे 17 नवंबर, 2021 को लागू किया था.