बिहार से इस वक्त की बहुत बड़ी खबर सामने आई है। यहां दारोगा भर्ती की लिखित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। ये परीक्षा 27 मई को 2 पालियों में आयोजित की गई थी।
गौरतलब है कि छात्र लंबे समय से परीक्षा में धांधली और गड़बड़ी होने की शिकायत कर दारोगा भर्ती की लिखित परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे थे। आखिरकार छात्रों की मांग पूरी हुई।
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने जारी सूचना में क्या कहा?
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के मुताबिक, 27-5-2026 को 2 पालियों में आयोजित की गई मुख्य लिखित परीक्षा को अपरिहार्य कारणों से रद्द किया जाता है। परीक्षा की नई तारीख के लिए अलग से सूचित किया जाएगा। अधिकृत सूचनाओं के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ही देखें। किसी भी माध्यम से असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रहीं भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। दलालों से सावधान रहें और ऐसे संदिग्धों के बारे में पुलिस को सूचित करें।
दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों ने किया था प्रदर्शन
गौरतलब है कि दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों ने खूब प्रदर्शन किया था। पटना में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। दरअसल बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा 27 मई को हुई थी और इस परीक्षा के जरिए कुल 1799 पद भरे जाने थे। लेकिन छात्रों का आरोप था कि इस परीक्षा में पेपर लीक और धांधली हुई है।
अभ्यर्थियों ने 15 सितंबर (मंगलवार) को बिहार दरोगा (1799 पदों) की मुख्य परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का भी ऐलान कर दिया था और कई छात्र अनशन भी कर रहे थे और प्रदर्शन भी कर रहे थे। अब जब ये परीक्षा रद्द हुई है, तो छात्र इसे बड़ी कामयाबी मान रहे हैं।
कौन कर रहा था परीक्षा में गड़बड़ी की जांच?
इस परीक्षा की जांच EOU द्वारा की जा रही थी। दरअसल 79 अलग-अलग कतारों और कमरों में कुल 301 अभ्यर्थियों का रिजल्ट भी जांच के दायरे में था। परीक्षा के दौरान पूर्णिया और गया में भी गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद EOU ने आयोग को नोटिस भेजा था और सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब मांगा था।

