बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सबसे बड़े अस्पताल माने जाने वाले प्रसाद हॉस्पिटल में भयावह हादसा हुआ. यहां ICU वॉर्ड में लगी आग ने 5 मरीजों को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि कई अन्य मरीज घायल हैं. गुरुवार (4 जून) की सुबह करीब 3.00 बजे हुए इस हादसे ने पूरा इलाके को हिला कर रख दिया है. बताया जा रहा है कि आईसीयू में 13 से 15 मरीज गंभीर हालत में भर्ती थे. आग लगने के बाद वे खुद बाहर भी नहीं निकल सकते थे. ऐसे में धुएं और ऑक्सीजन की कमी के बीच कई लोगों की मौत हो गई. इस बीच जब बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली.
बिहार सरकार के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुजफ्फरपुर की घटना पर कुछ नहीं बोला. पत्रकार लगातार उनसे सवाल करते रहे, लेकिन निशांत कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया. साथ ही, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी इस मामले में चुप्पी साधे रखी. लगातार सवाल पूछे जाने पर भी वे कुछ नहीं बोले.
निशांत कुमार की चुप्पी से नाराज RJD
RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत की चुप्पी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सरकार में बैठे लोग चाहे वह मंत्री हों या सांसद, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार कर रहे हैं. मीडिया जब सवाल पूछता है तो स्वास्थ्य मंत्री और जेडीयू सांसद चुप्पी साध लेते हैं.
वहीं, निशांत कुमार के पक्ष में जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि सुबह 3:00 बजे कि यह घटना है और सुबह की फ्लाइट से मंत्री जा रहे थे. ऐसा नहीं है कि घटना की जानकारी मंत्री को नहीं थी. तभी तो स्वास्थ्य विभाग एक्शन में है. मेरा मानना है कि एक्शन पर लोगों को फोकस करना चाहिए ना कि बयान पर.
मुजफ्फरपुर अस्पताल हादसे में मृतकों के नाम आए सामने
जानकारी के लिए बता दें, मुजफ्फरपुर आग हादसे में अब तक जिन 5 लोगों की मौत हुई है, उनमें रतनपुर औराई निवासी शशांक कुमार, मोतीपुर निवासी गीता देवी, तरियानी निवासी उदय झा, औराई के रहने वाले कृष्णनंदन और साहेबगंज के संजीत कुमार शामिल हैं.
दमकलकर्मियों ने बताया, वॉर्ड में हो गया था धुआं धुआं
मौके पर मौजूद एक फायरमैन ने बताया, “हमें लगभग 3.50 बजे सूचना प्राप्त हुई और हम 4.00 बजे मौके पर पहुंच गए थे. मौके पर पहुंचकर हमने पाया कि चौथी मंजिल पर स्थित ICU वॉर्ड में आग लगी हुई है. हमने रेस्क्यू अभियान चलाकर वहां से 15 से 20 मरीजों को निकाला. उन मरीजों को दूसरे अस्पताल में ले जाया गया है. अब परिस्थिति नियंत्रण में है.”
एक अन्य दमकलकर्मी ने बताया, “मैंने करीब 15 लोगों को बचाया. जब हम लोगों को बचाने में व्यस्त थे, तब वहां बहुत ज्यादा धुआं था. मेरा काम आग बुझाना था.”

