हार के बाद महागठबंधन बना लठबंधन, RJD के शिवानंद ने राहुल-प्रियंका पर उठाए सवाल

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Bihar Chunav 2020 बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में हार के बाद विपक्षी महागठबंधन में रार के सुर उठने लगे हैं। महागठबंधन (Mahagathbandhan) के सहयोगी कांग्रेस (Congress) के खराब प्रदर्शन को लेकर RJD आक्रमक हुआ तो कांग्रेस भी अब पलटवार की मुद्रा में आ गई है। इसके बाद RJD नेता शिवानंद तिवारी ने सीधे कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी को घेरे में लिया है। कहा है कि बिहार में चुनाव के वक्‍त राहुल गांधी बहन प्रियंका के घर शिमला में पिकनिक मना रहे थे। इस बीच बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने भी कहा है कि महागठबंधन (Grand Alliance) की सरकार नहीं बनने का दोष कांग्रेस के सिर मढ़ना उचित नहीं है। साल 2000, 2005 और 2010 में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं था, तब राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) को पूर्ण बहुमत क्यों नहीं आया?

RJD नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव के वक्‍त राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी के घर शिमला में पिकनिक मना रहे थे। कांग्रेस जिस तरह से अपना कारोबार चला रही है, उससे BJP को मदद मिल रही है। शिवानंद तिवारी ने आगे कहा कि कांग्रेस ने 70 प्रत्‍याशी खड़े किए, लेकिन 70 रैलियां भी नहीं कीं। राहुल गांधी केवल 3 दिन आए। प्रियंका गांधी तो आईं ही नहीं। जो बिहार के बारे में जानते नहीं थे, वे बिहार भेजे गए। यह सही नहीं था।

बिहार में महागठबंधन की पराजय के साथ ही RJD नेता शिवानंद तिवारी और वामदलों (Left Parties) ने बिहार में सरकार नहीं बनने के लिए कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को कारण बताया था। तिवारी के साथ ही भारतीय कम्‍युनिस्ट पार्टी माले (CPI ML), भारतीय कम्‍युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्ट पार्टी (CPM) तक ने कांग्रेस को निशाने पर लिया था। उस वक्त कांग्रेस मौन रही पर अब पार्टी ने भी जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं।

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हमलों के जवाब में बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि RJD एक विशेष वोट की राजनीति करता है। इसलिए आरंभ से ही इसे पूरे बिहारी समाज का लोकप्रिय समर्थन नहीं मिल पाता। महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की एक सभा का उदाहरण देकर उन्होंने कहा कि आरजेडी को सवर्ण आरक्षण (Upper Caste Reservation) का विरोध करना और बाबू साहब को इंगित करते हुए एक वर्ग विशेष के खिलाफ सामाजिक विद्वेष की बात करने से चुनाव में भारी नुकसान हुआ।

अनिल शर्मा ने सहयोगी RJD को सलाह देते हुए कहा कि महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाने के लिए कांग्रेस, अन्य पार्टी या जाति पर ठीकरा फोड़ने की बजाय आत्म निरीक्षण करना चाहिए और भविष्य में राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) जैसी रणनीति को बदलकर बहुजन समाज की बजाय सर्व समाज की राजनीति करनी चाहिए।

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