आयुर्वेद में अश्वगंधा को तनाव, कमजोरी और कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने वाली अहम जड़ी-बूटी माना जाता है,इसलिए भारत में इसके सप्लीमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा सकता है। इसी बीच FSSAI ने अश्वगंधा सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी ने कहा है कि सप्लीमेंट्स में केवल अश्वगंधा की जड़ का ही उपयोग किया जाए, क्योंकि इसके प्रभावी गुण मुख्य रूप से जड़ में पाए जाते हैं। FSSAI ने यह भी चेतावनी दी कि कुछ कंपनिया पत्तियों का इस्तेमाल कर रही हैं,जिसके उत्पाद के असर में फर्क पड़ सकता है और उपभोक्ता की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ सकती है।
FSSAI के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए,जिनमें अश्वगंधा सप्लीमेंट्स तैयार करने में पत्तियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसे गम्भीरता से लेते हुए एजेंसी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अश्वगंधा नाम से बेचे जाने वाले सप्लीमेंट्स में केवल इसके जड़ का ही उपयोग किया जाए।
अश्वगंधा की जड़ और पत्तियों में अंतर
अश्वगंधा की जड़ और पत्तियों के गुणों में बड़ा अंतर होता है। अश्वगंधा की जड़ से बने सप्लीमेंट्स आमतौर पर स्टैमिना बढ़ाने, तनाव कम करने और बेहतर नींद में मददगार माने जाते हैं, क्यूंकि यह कॉर्टिसोल स्तर को नियंत्रित करने से सहायक हो सकती है। दूसरी ओर, अश्वगंधा की पत्तियों और उनके रस का उपयोग पारंपरिक तौर पर वजन प्रबंधन और घाव भरने से जैसे अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यही वजह है कि शारीरिक ताकत और ऊर्जा बढ़ाने के लिए अश्वगंधा लेने वाले लोगों के लिए जड़ आधारित सप्लिमेंट्स अधिक उपयुक्त माने जाते है।
अश्वगंधा की जड़ और पत्तियों में h कीमत का अंतर
भारत में बड़ी संख्या में लोग आर्युवेद और होम्योपैथी उत्पादों पर भरोसा करते हैं, और अश्वगंघा सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली प्रमुख औषधियों में शामिल है।दवाओं के अलावा इसका उपयोग चाय, जूस, ग्रीन टी और कई हेल्दी फूड प्रोडक्ट्स में भी क्या जाता है। हालांकि की जड़ और पत्तियों में काफी अंतर है। जहां इसकी जड़ अपेक्षाकृत महंगी होती है, वहीं पत्तियां काफी सस्ती मिल जाती हैं। ऐसे में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कुछ कंपनियों पर अश्वगंधा सप्लीमेंट्स में जड़ की जगह पत्तियों के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं।
डिस्क्लेमर: (यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी नई डाइट, फिटनेस रूटीन या स्वास्थ्य संबंधी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।)
