मुल्लांपुर टेस्ट में भारत के खिलाफ अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से करारी हार झेलनी पड़ी। यह मुकाबला तीन दिन के अंदर ही खत्म हो गया। इससे पहले 2018 में बेंगलुरु टेस्ट में भी भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 264 रनों से हराया था।
लगातार एकतरफा नतीजों के बाद ICC की टेस्ट स्टेटस पॉलिसी पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनिंदर सिंह और मदन लाल ने अफगानिस्तान को टेस्ट दर्जा दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे टेस्ट क्रिकेट की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह ने PTI से बातचीत में कहा कि ऐसे मुकाबले टेस्ट क्रिकेट की गुणवत्ता को कमजोर कर रहे हैं। उनके मुताबिक अच्छी पिचों पर भी टीमों का 100 रन के आसपास सिमट जाना दिखाता है कि कुछ टीमें अभी टेस्ट स्तर के लिए तैयार नहीं हैं।
उन्होंने ICC के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड ने बांग्लादेश के अनुभव से भी कोई सीख नहीं ली। साथ ही उनका मानना है कि अफगानिस्तान जैसे देशों को जल्दबाजी में टेस्ट दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए था।
क्रिकेटर की क्वालिटी सबसे अहम
अफगानिस्तान ने अब तक 13 टेस्ट मैचों में सिर्फ 3 जीत दर्ज की हैं, जबकि बांग्लादेश ने 158 टेस्ट में 27 मुकाबले जीते हैं। हालांकि बांग्लादेश अब तक भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट जीत हासिल नहीं कर सका है।
मनिंदर सिंह के मुताबिक क्रिकेट की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने अभी तक ODI और टेस्ट दोनों ही फॉर्मेट में खुद को पूरी तरह साबित नहीं किया है। भले ही टीम T20 में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने में सक्षम हो, लेकिन सिर्फ इसी आधार पर टेस्ट दर्जा देना उचित नहीं है। उनके अनुसार टेस्ट स्टेटस मजबूत घरेलू फर्स्ट क्लास ढांचे के आधार पर मिलना चाहिए, जो फिलहाल अफगानिस्तान में विकसित नहीं है।
पूर्व भारतीय स्पिनर ने सुझाव दिया कि अफगानिस्तान को फिलहाल भारत ए, ऑस्ट्रेलिया ए, इंग्लैंड ए और दक्षिण अफ्रीका ए जैसी मजबूत ‘ए’ टीमों के खिलाफ चार दिवसीय मैच खेलने चाहिए, ताकि उनका अनुभव बढ़ सके।
उन्होंने ICC को यह भी सलाह दी कि जरूरत पड़ने पर टेस्ट स्टेटस पर पुनर्विचार किया जा सकता है। मनिंदर सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जिम्बाब्वे का टेस्ट स्टेटस भी वापस लिया जा चुका है। उनके अनुसार अगर अफगानिस्तान का प्रदर्शन इसी तरह कमजोर विकेटों पर जारी रहता है, तो उनके टेस्ट दर्जे पर भी फैसला लिया जा सकता है।
अफगानिस्तान को टेस्ट दर्जा क्यों दिया गया?
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर मदन लाल ने भी अफगानिस्तान के टेस्ट स्टेटस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि अफगानिस्तान को टेस्ट क्रिकेट खेलने की अनुमति क्यों दी गई और इसके पीछे क्या आधार था।
मदन लाल के मुताबिक एसोसिएट देशों को सिर्फ ODI और T20I प्रदर्शन के आधार पर टेस्ट दर्जा देना उचित नहीं है। उनका मानना है कि इस तरह के फैसलों से टेस्ट क्रिकेट की प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
