अनुष्का यादव के साथ रिश्ता बताए जाने पर घर से अलग कर दिया था. पार्टी से भी छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था. परिवार से अभी तेज प्रताप यादव का रिश्ता ठीक हो ही रहा था कि अब फिर से वो विवादों में आ गए हैं. कथित प्रेमिका अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने कोर्ट में केस किया है जिस पर आज (गुरुवार) सुनवाई हुई है.
क्या है पूरा मामला?
आकाश यादव का कहना है कि 6 जून को पाटलिपुत्र इलाके में जो उनका फ्लैट है वहां तेज प्रताप यादव अपने पीए मोतीलाल यादव के साथ पहुंचे थे. जबरन घर में घुसने का प्रयास किया. वो (आकाश यादव) उस वक्त घर पर नहीं थे, खाटूश्याम गए थे. जबरन घर में घुसने के प्रयास का परिवार ने विरोध भी किया. दोनों अभियुक्तों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया और उनकी भांजी उज्जैनी से मिलने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे.
आकाश ने यह भी आरोप लगाया कि मोतीलाल यादव ने फोन कर उन्हें धमकी भी दी है. मोतीलाल का फोन कटने के बात एक और कॉल आया जिसमें मोहित नाम के व्यक्ति ने कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई का आदमी है. उसने धमकी दी कि मंत्री जी (तेज प्रताप) के खिलाफ कुछ नहीं बोलना है. आकाश यादव ने फोन काल के रिकॉर्ड को सबूत के तौर पर कोर्ट में जमा किया है.
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थाने में नहीं हुई एफआईआर तो कोर्ट में किया केस
इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए आकाश यादव ने 10 जून को पाटलिपुत्र थाने में आवेदन दिया. आवेदन ले लिया गया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. इसके बाद 17 जून को पटना सिविल कोर्ट में आकाश यादव ने केस दर्ज कराया. केस रजिस्टर्ड होने के बाद आज (गुरुवार) उस पर सुनवाई भी हुई है.
अब देखने वाली बात होगी कि इस पूरे मामले में तेज प्रताप यादव की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है. यह तो साफ हो गया कि तेज प्रताप यादव फिर से विवाद में घिर गए हैं.





