CM Yogi relief to farmers

योगी सरकार ने इस तरह से रोका करोड़ों का भ्रष्टाचार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में एक बड़े बदलाव के सूत्रधार बने हैं। जेम पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभागों में खरीदारी की अनिवार्यता से एक तरफ करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार पर रोक लगी है, तो दूसरी ओर सरकारी धन की बचत भी हुई है। नगर विकास विभाग ने जेम पोर्टल पर सबसे ज्यादा 32 सौ करोड़ की खरीदारी की है। ऐसे ही सबसे ज्यादा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 26 सौ करोड़ रुपए का मैनपावर लिया गया है।

सीएम योगी ने सरकारी विभागों में उद्योगों के सामान की बिक्री के लिए गवर्नमेंट ई मार्केट (जेम) और ट्रेड रीसिवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (ट्रेड्स) पोर्टल को अगस्त 2017 में अनिवार्य किया है। केंद्र सरकार ने अगस्त 2016 में जेम पोर्टल की शुरुआत की थी, लेकिन प्रदेश में सपा सरकार के दौरान मार्च 2017 तक इसे लागू ही नहीं किया गया था। जिस कारण सरकारी खरीद में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता था।

सरकार की ओर से विभागीय खरीदारी में गुणवत्ता, पारदर्शिता और मितव्ययिता को तरजीह दी जा रही है। नगर विकास विभाग ने जेम पोर्टल से सबसे ज्यादा 3190 करोड़ की खरीदारी की है। इसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 2720 करोड़, बेसिक शिक्षा ने 830 करोड़, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 791 करोड़, गृह विभाग ने 632 करोड़, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने 404 करोड़, कौशल विकास मिशन 352 करोड़, खाद्य एवं रसद विभाग ने 314 करोड़, सामान्य प्रसाशन विभाग ने 294 करोड़ और ग्राम्य विकास विभाग ने 243 करोड़ की खरीदारी की है।

जेम पोर्टल से सबसे ज्यादा सरकारी खरीद में तीसरी बार प्रदेश नंबर वन हुआ है। इससे पहले भी केंद्र सरकार ने प्रदेश को 2018 में बेस्ट बायर अवार्ड और 2019 में सुपर बायर अवार्ड से सम्मानित किया था। केंद्र सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2020-21 में जेम पोर्टल के माध्यम से सबसे अधिक खरीद करने वाले दो राज्यों को पुरस्कार दिया है।

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पोर्टल पर 12,847 सरकारी खरीदार हैं और दो लाख 21 हजार 450 विक्रेता हैं, इसमें 62,973 सूक्ष्म और लघु उद्यमी भी शामिल हैं। पिछले साढ़े चार सालों में सरकारी विभागों ने 13,597 करोड़ रुपए के 5,86,651 आर्डर दिए हैं। इन उद्योगों से सवा दो लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिला है।

विभिन्न विभागों ने प्रदेश में जेम पोर्टल से वित्तीय वर्ष 2017-18 में 602 करोड़, वित्तीय वर्ष 2018-19 में 1674 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2401 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जो लगातार बढ़ते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 4675 करोड़ की खरीदारी की गई है। इस तरह वित्त वर्ष 2021-22 में 16 सितंबर तक 4192 करोड़ की खरीद की गई है।

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