प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान रविवार को वहां की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को नई ऊंचाई दी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों का संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि साझा विरासत, संस्कृति और लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित है. पीएम मोदी ने चटनी, समोसे और पारंपरिक त्योहारों का जिक्र करते हुए दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता को रेखांकित किया.
साझी संस्कृति में दिखती है दोनों देशों की पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स की सबसे बड़ी ताकत उसके लोग हैं. उन्होंने बताया कि वर्षों से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आकर बसे और अपनी भाषा, परंपराएं व संस्कृति साथ लाए. इन सभी विविधताओं ने मिलकर सेशेल्स की एक ऐसी साझा पहचान बनाई है, जिस पर वहां के लोगों को गर्व है.
चटनी, समोसे और त्योहार बने दोस्ती की मिसाल
नेशनल असेंबली के आदर्श वाक्य ‘विविधता में एकता’ का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के सांस्कृतिक संबंध रोजमर्रा के जीवन में साफ दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि करी कोको, समोसे और चटनी के स्वाद से लेकर दीपावली, थाई पोंगल और नवरात्र के दौरान गरबा जैसे आयोजनों तक दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत झलकती है. उनके अनुसार यही सांस्कृतिक जुड़ाव भविष्य में भी दोनों देशों की मित्रता को और मजबूत करेगा.
50 साल के राजनयिक रिश्ते, ढाई सौ साल पुराना अपनापन
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं. हालांकि, दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध इससे कहीं अधिक पुराने हैं. उन्होंने कहा कि यह मित्रता ढाई सौ वर्षों से भी अधिक समय से चली आ रही है और दुनिया में बहुत कम ऐसे रिश्ते हैं, जिनकी नींव इतनी मजबूत, भरोसेमंद और आत्मीय रही हो.
भारत हमेशा सेशेल्स के साथ खड़ा रहेगा
पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत आगे भी सेशेल्स का विश्वसनीय साझेदार बना रहेगा. उन्होंने कहा कि भारत न केवल सेशेल्स की उपलब्धियों का जश्न मनाएगा, बल्कि उसकी विकास यात्रा और आकांक्षाओं में भी हर कदम पर साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की साझेदारी का सबसे बेहतर दौर अभी आना बाकी है.
सेशेल्स में भारतीय समुदाय की अहम भूमिका
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और सेशेल्स के संबंधों की शुरुआत वर्ष 1770 में हुई थी, जब पांच भारतीय पहली बार इस द्वीपीय देश पहुंचे थे. वर्तमान में सेशेल्स की आबादी करीब 1.20 लाख है, जिसमें लगभग 5,000 भारतीय मूल के लोग रहते हैं. भारतीय समुदाय आज भी वहां के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

