वैसे तो शिवरात्रि पर्व हर महीने आता है, लेकिन साल में दो शिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिनमें पहली शिवरात्रि फाल्गुन मास में आती है, जिसे महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। तो दूसरी शिवरात्रि सावन में आती है जो श्रावण शिवरात्रि कहलाती है। 30 जुलाई से सावन महीना शुरू हो चुका है, ऐसे में अब श्रद्धालु सावन शिवरात्रि की डेट को लेकर काफी सर्च कर रहे हैं। चलिए जानते हैं इस साल सावन शिवरात्रि कब मनाई जाएगी और जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
सावन शिवरात्रि 2026 तिथि व मुहूर्त
सावन शिवरात्रि इस साल 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 11 अगस्त की रात 12 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर देर रात 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त 2026
सावन शिवरात्रि के दिन जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर देर रात 01 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
श्रावण शिवरात्रि पर क्या करना चाहिए?
सावन शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
इसके बाद व्रत रखने का संकल्प लें।
भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें और आरती उतारें।
संभव हो तो इस दिन रुद्राभिषेक अवश्य करें।
इस दिन रात्रि के चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
हर प्रहर की पूजा में भगवान शिव को अलग-अलग तरह का भोग लगाया जाता है।
कहते हैं जो भक्त शिवरात्रि पर रात्रि के चारों प्रहर की विधि विधान पूजा करता है उसकी समस्त परेशानियां दूर हो जाती हैं।
श्रावण शिवरात्रि में क्या ना करें?
तामसिक भोजन जैसे लहसुन प्याज का सेवन भूलकर भी न करें।
मांस मदिरा का सेवन न करें।
ध्यान रहे शिवलिंग पर केतकी के फूल, सिंदूर, रोली, कुमकुम भूलकर भी न चढ़ाएं।
भगवान शिव की पूजा में तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल न करें।
किसी से लड़ाई झगड़ा ना करें।
भूलकर भी किसी का अपमान न करें।
सावन शिवरात्रि चार प्रहर पूजा मुहूर्त 2026
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 11 अगस्त की शाम 07 बजकर 04 मिनट से रात्रि 09 बजकर 45 मिनट तक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 11 अगस्त की रात 09 बजकर 45 मिनट से 12 अगस्त को 12 बजकर 45 मिनट तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12 अगस्त को 12 बजकर 26 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 12 अगस्त को 03 बजकर 07 मिनट से प्रातः 05 बजकर 49 मिनट तक

