विकास दुबे के एनकाउंटर पर कांग्रेस ने पूछे 13 सवाल

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह गिरफ्तार होने वाला गैंगस्टर Vikas Dubey, लगभग 24 घंटे के अंदर एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के अनुसार विकास की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। उसके साथ मौजूद 4 पुलिसकर्मी भी घायल हुए, Vikas Dubey ने उनका रिवॉल्वर छीना, भागने की कोशिश की, पुलिस की कार्रवाई में गोली लगी और अस्पताल पहुंचकर Vikas Dubey की मौत हो गई। हालांकि राजनीतिक दल पुलिस की इस थ्योरी को गलत बता रहे हैं।

अखिलेश यादव ने आजतक से बात करते हुए कहा कि अगर विकास जिंदा रहता तो योगी सरकार चली जाती। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शायराना अंदाज में लिखा- कई जवाबों से अच्छी है खामोशी उसकी, ना जाने कितने सवालों की आबरू रख ली।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को BJP सरकार के नेतृत्व में अपराध प्रदेश में तब्दील कर दिया गया है। विकास दुबे संगठित अपराध का एक मोहरा था। उस संगठित अपराध का सरगना असल में है कौन? Vikas Dubey के एनकाउंटर के बाद अनेकों सवाल सार्वजनिक जेहन में खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब आदित्यनाथ सरकार को देना होगा।

कांग्रेस प्रवक्ता ने दस से ज्यादा सवाल खड़े किए हैं…

  1. क्या Vikas Dubey शासन में बैठे लोगों का राजदार था? क्या उसे सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त था?
  2. विकास कौन से राज छुपा रहा था?
  3. Vikas Dubey का नाम 25 मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में शामिल क्यों नहीं था?
  4. इस एनकाउंटर पर कई सवाल खड़े होते हैं, अगर उसे भागना ही था तो उज्जैन में जाकर सरेंडर क्यों किया?
  5. मीडिया कर्मियों को एनकाउंटर स्पॉट पर जाने से क्यों रोका गया?
  6. Vikas Dubey को पहले हवाई मार्ग से लाए जाने की बात चल रही थी, फिर बाद में इसे क्यों बदला गया?
  7. Vikas Dubey को एक्सिडेंट से पहले सफारी गाड़ी में देखा गया था। एक्सिडेंट दूसरी गाड़ी में हुआ लेकिन अब कुछ और बताया जा रहा है।
  8. विकास के एक पैर में लोहे की रॉड लगी थी तो वो भाग कैसे सकता है?
  9. अगर वो भाग रहा था तो पुलिस की गोली सीने में कैसे लगी?
  10. घटनास्थल पर गाड़ी फिसलने के कोई निशान मौजूद क्यों नहीं थे?
  11. विकास अगर भाग रहा था तो उसके कपड़े सूखे कैसे थे, कीचड़ के निशान क्यों नहीं थे?
  12. Vikas Dubey का एनकाउंटर सच्चाई का एनकाउंटर है। जिससे सच छुपाया जा सके।
  13. विकास के पीछे खड़े लोगों के चेहरों को सार्वजनिक कर ही कानपुर शूटआउट में शहीद हुए जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकेगी।

कुख्यात अपराधी एवं कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी विकास दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के भौती इलाके में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।


कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया, ‘तेज बारिश हो रही थी। पुलिस ने गाड़ी तेज भगाने की कोशिश की जिससे वह डिवाइडर से टकराकर पलट गयी और उसमें बैठे पुलिसकर्मी घायल हो गये। उसी मौके का फायदा उठाकर दुबे ने पुलिस के एक जवान की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की और कुछ दूर भाग भी गया।’

कुमार ने कहा, ‘तभी पीछे से एस्कार्ट कर रहे STF के जवानों ने उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की और उसी दौरान उसने ST पर गोली चला दी जिसके जवाब में जवानों ने भी गोली चलाई और वह घायल होकर गिर पड़ा। हमारे जवान उसे अस्पताल लेकर गये जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’

इससे पहले कानपुर के ADG जे एन सिंह ने बताया था कि पुलिस और STF की गाड़ियां विकास को उज्जैन से लेकर आ रही थीं, तभी अचानक एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उसमें बैठे Vikas Dubey ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ हुई और वह घायल हो गया।

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