USS Abraham Lincoln: वो युद्धपोत, जिसने ईरान में मचा दी तबाही; क्यों है ये वॉरशिप चलता फिरता एयरबेस?

यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिका का एक अत्याधुनिक और परमाणु ऊर्जा से संचालित विमानवाहक पोत है, जिसे 1989 में अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था। करीब 332 मीटर लंबा और लगभग एक लाख टन वजनी यह युद्धपोत 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्र में संचालित हो सकता है। इस पर F/A-18 सुपर हॉर्नेट, F-35C फाइटर जेट समेत 70 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकते हैं और लगभग 5000 सैनिक इसकी संचालन व्यवस्था संभालते हैं। तेज तैनाती, हवाई हमले और निगरानी क्षमता के कारण इसे समुद्र में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य ताकतों में गिना जाता है।

Israel Attacks On Iran: इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर शनिवार को ‘प्रीवेंटिव अटैक’ एहतियाती सैन्य कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। अमेरिका ने अपने सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) और उससे जुड़ी स्ट्राइक ग्रुप से ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इस हमले में फाइटर जेट्स और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। यह युद्धपोत दक्षिण चीन सागर से मिडिल ईस्ट कुछ हफ्ते पहले पहुंचा था। आइए जानते हैं कि इस जहाज की क्या खासियत है।

यूएसएस अब्राहम लिंकन क्या है?

यूएसएस अब्राहम लिंकन USS Abraham Lincoln (CVN-72) अमेरिका का एक परमाणु ऊर्जा से संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर है, जो बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान, मिसाइल और कर्मियों को ले जा सकता है। यह जहाज अरब सागर व मध्य पूर्व में पहले से ही तैनात है, और इसे अमेरिकी नौसेना की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस समूह के साथ कई बमवर्षक, टोमाहॉक मिसाइलें और सुरक्षा वारफेयर सिस्टम भी शामिल हैं

क्या है नाम की कहानी?

USS Abraham Lincoln का नाम अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln) के सम्मान में रखा गया है। यह एक परमाणु ऊर्जा से संचालित विमानवाहक पोत है, जो लंबे समय तक बिना ईंधन भरे समुद्र में तैनात रह सकता है। 11 नवंबर 1989 को इसे अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था। आज यह अमेरिका के सबसे बड़े और अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर्स में गिना जाता है।

कितना विशाल है ये युद्धपोत?

यूएसएस अब्राहम लिंकन की लंबाई करीब 332.8 मीटर (1092 फीट) है, जबकि चौड़ाई लगभग 77 मीटर है। इसका कुल वजन लगभग एक लाख टन के आसपास है। यह युद्धपोत करीब 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्र में आगे बढ़ सकता है। विशाल आकार और अत्याधुनिक तकनीक इसे समुद्री ताकत का प्रतीक बनाते हैं।

आसमान से वार करने की ताकत

इस विमानवाहक पोत पर कई अत्याधुनिक लड़ाकू विमान तैनात रहते हैं। इनमें F/A-18E/F सुपर हॉर्नेट, EA-18G ग्राउलर, F-35C फाइटर जेट और MH-60R हेलीकॉप्टर शामिल हैं। अमेरिका पहले भी इस पोत को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर चुका है। यह पोत एक साथ हवाई हमले और निगरानी दोनों में सक्षम है।

70 से ज्यादा विमान, 5000 सैनिकों की ताकत

यूएसएस अब्राहम लिंकन पर 70 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकते हैं। इसके साथ विध्वंसक जहाजों का पूरा समूह चलता है, जो इसकी सुरक्षा और मारक क्षमता को और बढ़ाता है। इस पर करीब 5000 सैनिक और अधिकारी तैनात रहते हैं। तेज गति से स्थान बदलने और अचानक हमला करने की क्षमता इसे समुद्र का चलता-फिरता सैन्य अड्डा बनाती है।

ईरान पर हमला क्यों?

अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट्स और मिसाइलों के जरिए ईरान के कई सैन्य और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका और इजरायल का उद्देश्य है कि किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जाए। वहीं, अमेरिका का मानना है कि अयातुल्ला खामेनेई के सत्ता से जाने के बाद ही ईरान में खुशहाली आ सकती है।

हमले के बाद ट्रंप ने क्या कहा?

हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ‘मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस’ शुरू कर चुका है और ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल न करने देने का स्पष्ट संकेत दिया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा है।

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