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SC में पांच नए जजों को CJI ने दिलाई शपथ, वी मोहना बार से सीधे जज बनने वाली दूसरी महिला वकील बनीं

सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को पांच नये जज मिले। सुप्रीम कोर्ट में नवनियुक्त 5 जजों को CJI सूर्यकांत ने शपथ दिलाई। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख HC के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील वी मोहना को सीजेआई ने शपथ दिलाई।

दो जज इसी महीने हो रहे हैं रिटायर

इसी महीने सुप्रीम कोर्ट के दो जज रिटायर हो जाएंगे। जस्टिस पंकज मित्तल 16 जून को रिटायर होंगे, जबकि जस्टिस जेके माहेश्वरी 28 जून को रिटायर होंगे। अभी हाल में ही केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट के चार चीफ जस्टिस और एक सीनियर वकील को जज नियुक्त करने की मंजूरी दी थी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को केंद्र ने सोमवार को चार हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और सीनियर एडवोकेट वी. मोहना को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने को मंजूरी दी थी। एक्स हैंडल पर केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने घोषणा की कि राष्ट्रपति ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) से सलाह के बाद जस्टिस शील नागू, चंद्रशेखर, संजीव सचदेवा और अरुण पल्ली के साथ-साथ सीनियर एडवोकेट वी. मोहना को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया है।

जजों के बारे में जानें

जस्टिस नागू को मई 2011 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का जज बनाया गया था और जुलाई 2024 में उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभाला था। जस्टिस चंद्रशेखर को जनवरी 2013 में झारखंड हाई कोर्ट का जज बनाया गया था और जनवरी 2025 में उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभाला था।

जस्टिस सचदेवा को अप्रैल 2013 में दिल्ली हाई कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया था और मार्च 2015 में वे परमानेंट जज बन गए थे। वे जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे। जस्टिस पल्ली को दिसंबर 2013 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का जज बनाया गया था और अप्रैल 2025 में उन्हें जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया था। ये अपॉइंटमेंट सुप्रीम कोर्ट में जजों की मंज़ूर संख्या बढ़ाने के केंद्र के फ़ैसले के बाद हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या अब 37 हुई

पिछले महीने, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस, 2026 जारी किया, जिससे जजों की मंज़ूर संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई, जिसमें भारत के चीफ़ जस्टिस (CJI) शामिल नहीं हैं, ताकि बढ़ते पेंडिंग मामलों से निपटा जा सके और केसों का निपटारा तेज़ी से हो सके।

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